बरखेड़ा। ग्राम पंचायत मूसेपुर जयसिंह की वृहद गोशाला में दो दिन में सात गोवंशों की मौत के मामले में जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने संबंधित जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही बरखेड़ा बीडीओ, जिला गन्नाधिकारी (डीसीओ) समेत पांच लोगों का वेतन रोक दिया। चारा आपूर्ति करने वाली संस्था के ठेके के निरस्तीकरण के संबंध में जांच भी शुरू हो गई है।
मूसेपुर जयसिंह की वृहद गोशाला में गोवंशों के मृत मिलने पर ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को विरोध-प्रदर्शन किया था। प्रधान के पति दिगंबर दयाल ने दो दिन में सात गोवंशों की मौत की जानकारी दी थी। इसकी वजह सरसों की तुर्री का भूसा, खराब चारा आपूर्ति, हरे चारे की कमी आदि बताई थी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय को गोशाला में तीन गोवंश मृत अवस्था में मिले थे। चारे की कमी और अन्य खामियां पाई गई थीं। एसडीएम ने चारा आपूर्ति करने वाली संस्था के सुपरवाइजर को पुलिस के हवाले करने का निर्देश दिया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है।
डीएम ने खंड विकास अधिकारी बरखेड़ा वेदप्रकाश, पशु चिकित्साधिकारी बरखेड़ा डॉ. हरपाल, क्षेत्रीय लेखपाल खुशबू, ग्राम पंचायत सचिव रूपेश सिंह और नोडल अधिकारी जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव का वेतन रोकने का आदेश दिया है। गाेशाला में पशुओं की देखरेख कर रही संस्था का ठेका निरस्त करने की प्रक्रिया पर भी काम शुरू हो गया है। संवाद