पूरनपुर। फर्नीचर व्यापारी के दो साल के पुत्र की गर्दन पर चाकू लगाकर और तमंचा के बल पर बंधक बनाकर नौ तोला सोने के जेवरात और 47 हजार रुपये लूटने की घटना पुलिस जांच में झूठी निकली। पुलिस दर्ज छिनैती की रिपोर्ट को स्पंज करने की तैयारी में है। इसके लिए विधिक राय मांगी गई है।
घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना के गांव रायपुर बिचपुरी निवासी फर्नीचर व्यापारी तफरूल हसन के घर 21 जुलाई की रात की बताई गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस को फर्नीचर व्यापारी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया था कि घर में उसके अलावा उसकी पत्नी अरमान जहां, बहन सोन बी, दो साल का पुत्र जियान था। रात एक बजे के बाद घर के पीछे से दीवार फांदकर घुसे पांच बदमाशों ने कमरे में प्रवेश किया।
एक बदमाश ने उसके पुत्र के गले पर चाकू लगाकर उसे मार डालने की धमकी दी। बदमाशों ने उसकी बनियान को फाड़कर उसके मुंह में ठूस दिया। हाथ, पैर कपड़े से बांध दिए। एक बदमाश उसके पास तमंचा ताने खड़ा रहा। दूसरा बदमाश उसके पुत्र के गले पर चाकू लगाकर खड़ा रहा। दो बदमाशों ने घर की अलमारी से लूटपाट शुरू की।
पांचवां बदमाश घर के दरवाजे पर था। बदमाशों ने उसके घर से चार सोने के हार, दो जोड़ी सोने के झुमके, एक जोड़ बुंदा, अंगूठी सहित नौ तोले सोने के जेवरात और 47 हजार रुपये की नकदी लूट ली। बदमाश उसे जमीन में बंधा छोड़कर कमरे की लाइट बंद कर चले गए। शुरू से ही घटना को संदिग्ध मान रही पुलिस ने 24 जुलाई को तफरूल की ओर से छिनैती की रिपोर्ट दर्ज की।
सेहरामऊ इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि जांच में घटना झूठी निकली। उन्होंने बताया कि तफरूल पर बैंक का 4.80 लाख रुपये, सराफा व्यापारी का पौने तीन लाख रुपये, रिश्तेदारों का करीब एक लाख रुपये और बाजार की 65 हजार रुपये की देनदारी है। कर्ज अदा करने से बचने को उसने लूट की मनगढ़ंत घटना बना ली और इसकी जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि जांच में घटना झूठी निकली है। विधिक राय मांगी गई है। इसके बाद दर्ज रिपोर्ट को स्पंज कर दिया जाएगा।