शारदा का जलस्तर कम होने के साथ रमनगरा व ट्रांस क्षेत्र के ग्राम सिद्धनगर व नहरोसा क्षेत्र में नदी ने मंद गति से कटान करना शुरू कर दिया है। रमनगरा क्षेत्र में पानी के दबाव को कम करने के लिए बाढ़ खंड ने छह नंबर स्पर के सामने बने टॉपू को लेबर लगाकर कटवाना शुरू कर दिया है, लेकिन नहरोसा व सिद्धनगर में कटान से बचाव के लिए बाढ़ खंड/सिंचाई महकमे ने कोई प्रबंध नहीं किया है। रमनगरा क्षेत्र में कटान की सूचना पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के निर्देश पर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने शुक्रवार रात में ही क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था।
माधोटांडा। शारदा का जल स्तर घटने के बाद रमनगरा क्षेत्र में स्पर नंबर छह के सामने नदी द्वारा छोड़ी गई रेत व मिट्टी का टापू बन गया है। जिसके चलते नदी की धार स्पर पर अधिक दबाव बना रही है। बाढ़ खंड के ईई मिन्हाज अहमद ने उसे लेबर लगाकर कटवाना शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि इस टॉपू के कट जाने से नदी की धार का दबाव स्पर की ओर कम हो जाएगा। शुक्रवार को किसी ने इस क्षेत्र में स्पर नंबर पांच व छह के कटने की जानकारी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को दी।
इस पर उन्होंने जिलाधिकारी को दूरभाष पर स्थिति से अवगत कराते हुए वहां बचाव कार्य शुरू कराने को कहा। डीएम ओएन सिंह के निर्देश पर शुक्रवार रात करीब 11 बजे ईई मिन्हाज अहमद ने रमनगरा क्षेत्र पहुंच स्थिति का जायजा लिया। मिन्हाज अहमद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्थिति संतोषजनक मिली। उन्होंने बताया कि स्पर नंबर छह के डाउन स्टीम में पहले कटान हुआ था, उसके बचाव को छह बल्ला स्पर बना दिए गए। जिससे कटान रुका है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि नगरिया खुर्द में अगर बाढ़ नियंत्रण कार्य नहीं कराए गए तो मार्जिनल बांध को खतरा पैदा हो सकता है।
हजारा। क्षेत्र के ग्राम सिद्धनगर, काणाप्रताप नगर व नहरोसा क्षेत्र में नदी मंद गति से कृषि भूमि का कटान करते हुए इन गांवों की आबादी की ओर बढ़ती जा रही है। श्री नगर ग्राम के प्रधान मुजाहिद व नहरोसा के प्रधान समीउद्दीन उर्फ शम्मू ने बताया कि कटान रोकने को शासन व प्रशासन द्वारा किसी भी तरह का कोई भी बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। जिससे इन गांवों की आबादी को भी खतरा बढ़ता जा रहा है।