पीलीभीत। जंगल से सटे इलाके में बने एक रिजॉर्ट पर जांच करने पहुंचे माला रेंजर के साथ अभद्रता का मामला सामने आया। एनओसी आदि मांगने पर रिजॉर्ट मालिक ने रेंजर के साथ अभद्रता की। विवाद बढ़ता देख रेंजर वहां से लौट आए। पूरे मामले की रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को भेजी गई है।
मामला गजरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत जरा चौकी क्षेत्र का है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिजॉर्ट विकसित किया। दो साल से इसका संचालन भी किया जा रहा है। करीब दस दिन पूर्व डीएफओ के फर्जी हस्ताक्षर के लोन लेने का मामला सामने आने पर विभाग की ओर से सख्ती बरती गई।
जंगल से सटे इलाके में बने रिजॉर्ट आदि को सूचीबद्ध करना शुरू किया गया। इसी क्रम में चार दिन पूर्व माला रेंज से सटे इलाके में बने एक रिजॉर्ट में रेंजर रोबिन सिंह टीम के साथ जांच करने पहुंचे। रिजॉर्ट इको सेंसेटिव जोन के दायरे में बना है। ऐसे में टीम ने संचालक से विभागीय एनओसी समेत अन्य अभिलेख दिखाने को कहा गया।
आरोप है कि इसपर संचालक भड़क गया और रेंजर से अभद्रता करनी शुरू कर दी। दोनों में कहासुनी भी हुई। रेंजर रोबिन सिंह ने बताया कि विभागीय निर्देशों के क्रम में जंगल से सटे इलाके में बने रिजॉर्ट में जांच करने पहुंचे थे। संचालक अभद्रता करना लगा। इसपर वह लौट आए। हालांकि दूसरे दिन संचालक ने अपनी गलती भी स्वीकार की। पूरे मामले की जानकारी रेंजर को दी गई है। यह भी सामने आया कि रिजॉर्ट को बनाने में विभाग के अलावा जिला पंचायत और अन्य से भी कोई अनुमति नहीं ली गई है। विभाग की ओर से मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।