पीलीभीत। प्लास्टिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित होने का असर घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर पड़ा है। रसोई और अन्य रोजमर्रा के काम में आने वाले प्लास्टिक के बर्तन, बोतल और अन्य सामान के दाम 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। क्रॉकरी की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।
कमर्शियल सिलिंडर और प्लास्टिक दाना न मिल पाने से प्लास्टिक उत्पाद से जुड़ी इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसका असर जिले में भी दिखने लगा है। पिछले 10 दिनों में प्लास्टिक की बाल्टी, मग, बोतल आदि सामान महंगा हो गया है। शहर के एक दुकानदार ने बताया कि प्लास्टिक के सामान की कीमतों में एकदम उछाल आया है।
फ्रिज में लगाने वाली पानी की छह बोतलों का सेट 160 रुपये तक हो गया है। पहले इसकी कीमत 120 रुपये थी। इसी तरह वाटर कूलर के दाम 290 से 340 रुपये तक पहुंच गए हैं। वाॅशरूम में काम आने वाली प्लास्टिक की बाल्टी, मग, टब, डस्टबिन के सेट की कीमत 900 रुपये हो गई है। कुछ दिन पहले तक इस सेट की कीमत आठ सौ रुपये थी। इसी तरह रसोई में काम आने वाले डिब्बे और अन्य सामान की कीमतों में भी 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि क्रॉकरी का सामान भी महंगा हुआ है। इसका कारण प्लास्टिक दाने की कमी बताई जा रही है।