पीलीभीत। सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए शुरू की गई राहवीर योजना जागरूकता के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है, जबकि घायल व्यक्ति के उपचार में मदद करने वाले के लिए विभाग की ओर से पुरस्कार राशि भी दी जा रही है। इसके बावजूद एक वर्ष में महज दो लोगों के नाम ही सूची में शामिल हुए हैं।
सड़क दुर्घटना में घायल होने पर कई बार लोग समय से उपचार न मिलने के कारण अपनी जान गवां देते हैं। ऐसे में घायलों को समय से उपचार मिल सके। इसको लेकर वर्ष 2021 में गुड सेमेरिटन योजना का शुभारंभ हुआ। इसमें घायल को उपचार को पहुंचाने वाले व्यक्ति को परिवहन विभाग की ओर से पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती थी। इसमें भी लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद शासन स्तर से योजना का नाम बदलते हुए वर्ष 2025 में राहवीर योजना का संचालन किया। इस योजना के अंतर्गत घायल व्यक्ति को उपचार को पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया जा रहा है। एक वर्ष से संचालित योजना में प्रचार-प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही है। गत वर्ष जिले के दो लोगों को ही इस योजना में शामिल किया है।
एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने घायल अवस्था में लोगों को समय से उपचार मिल सके। इसको राहवीर योजना चलाई जा रही है। इसको लेकर लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। संवाद
इस तरह से मिलता है लाभ
सड़क पर घायल युवक को कोई भी व्यक्ति उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाता है। इसके बाद वह व्यक्ति तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहता है। स्पाइनल कार्ड में चोट, दिमागी चोट या फिर व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो उपचार को पहुंचाने वाले व्यक्ति को इस योजना में शामिल किया जाएगा।