जिले में हौसला पोषण योजना अभी शुरू भी नहीं हुई है और बंदरबांट शुरू हो गया है। योजना के तहत पराग को आंगनबाड़ी केंद्रों पर घी-दूध पहुंचाने का जिम्मा मिला है, लेकिन मिलीभगत के चलते पराग के अधिकारी परियोजना कार्यालयों पर आंगनबाड़ी वर्करों को बुलाकर घी-दूध की सप्लाई दे रहे हैं।
कुपोषण दूर करने को पुष्टाहार और हाटकुक के बाद अब हौसला पोषण योजना प्रारंभ की गई है। दो अगस्त से जिले में लागू हो रही इस योजना में गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को दोपहर में गर्म खाना दिया है। इस पौष्टिक खाने के साथ दूध और देशी घी भी दिया जाना है। इसके लिए विभाग ने प्रदेश स्तर पर पराग दूध से करार किया है। इसके तहत पराग कंपनी से दूध (पाउडर) व घी के छोटे पैकेट बनाए गए हैं, जिन्हें पराग कंपनी प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचाएगी। इसके लिए घी दूध के दाम से अतिरिक्त भुगतान किया जाना है। लेकिन जिले में योजना शुरू होने से पहले ही इसमें खेल शुरू हो गया। अधिकारियों की मिलीभगत के चलते दूध घी की सप्लाई परियोजना कार्यालयों पर आंगनबाड़ी वर्करों को बुलाकर की जा रही है। रविवार को अवकाश के बाद भी नेहरू पार्क के सामने स्थित मरौरी ब्लाक के बाल विकास परियोजना कार्यालय पर पराग के अधिकारी गाड़ी से घी दूध लेकर पहुंच गए और फोन से सभी आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजरों के माध्यम से इसका वितरण शुरू करा दिया। जानकारी होने पर अब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे तो सभी घबरा गए और आनन-फानन में वितरण बंद कर दिया।
वर्जन
पराग कंपनी द्वारा घी और दूध बांटा जाना है। शनिवार को कुछ गांवों में वितरण कराया गया था। वितरण के समय जिन केंद्रों पर आंगनबाड़ी नहीं मिली अथवा वाहन पहुंचने में देरी हो गई होगी तो उन्हें परियोजना कार्यालय बुलाकर सामग्री बांटी जा रही होगी। पूरे मामले की जांच कराएंगे।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी