पीलीभीत। पिछले दो माह से स्मार्ट मीटर की समस्या से उपभोक्ता परेशान हैं। कनेक्शन कटने के साथ अन्य समस्याओं से पीड़ित उपभोक्ताओं को समस्याओं के समाधान के लिए अधिकांश उपकेंद्रों के चक्कर काटने पड़े रहे हैं। वहां उन्हें कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। अब शासन स्तर से राहत की कवायद शुरू की गई है। शासन ने अब नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है। इससे जिले के दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं में राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि अभी ऊर्जा निगम के अधिकारी आदेश प्राप्त न होने की बात कह रहे हैं।
जिले में करीब छह माह पूर्व स्मार्ट मीटर को लेकर विभागीय स्तर से कवायद को शुरू किया गया। इसके बाद शहर से लेकर देहात तक लोगों को स्मार्ट मीटर से जोड़ा गया। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में करीब तीन लाख 53 हजार 322 उपभोक्ता हैं। इसमें शहर में एक लाख 58 हजार 557, बीसलपुर में 93 हजार 487 और पूरनपुर एक लाख 278 उपभोक्ता शामिल हैं। इसमें करीब करीब एक लाख 32 हजार 908 उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जा चुका है।
वहीं जिले में करीब दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को अभी जोड़ा जाना बाकी है। वहीं स्मार्ट मीटर से आ रही समस्या को लेकर अब शासन स्तर से राहत दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में जिले के छूटे करीब दो लाख से अधिक उपभोक्ता इस योजना से लाभांवित हो सकेंगे। एक्सईएन आशीष यादव ने बताया कि इसको लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया है। आदेश के बाद ही स्थिति को स्पष्ट किया जाएगा। संवाद
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केस एक: कई बार जमा करने के बाद भी भटकने की थी मजबूरी
पूर्व में पूरनपुर कस्बे में स्मार्ट मीटर से जुड़े कई मामले में सामने आए थे। इसमें एक मामला मोहल्ला कायस्थान की रहने वाली शारदा देवी का था। पीड़िता का कहना था कि वह घरों में बर्तन धोकर परिवार पालती है। 20 मार्च को 11 हजार रुपये बिजली बिल जमा किया। 10 अप्रैल को बकाया होने पर दोबारा उनकी बिजली कट गई। दोबारा में 19 सौ रुपये जमा किए। वह कई बार दफ्तरों के चक्कर काटे।
केस दो: दो बार जमा की रकम, फिर भी नहीं जुड़ा कनेक्शन
इसी तरह का मामला पूरनपुर क्षेत्र के गांव पचपेड़ा के रहने वाले सरनजीत का भी सामने आया था। उनका कहना था कि वह कस्बे के मोहल्ला कायस्थान में किराए के मकान पर रहते है। 16 मार्च को बिजली बिल के 312 रुपये जमा कराए। चार अप्रैल को बकाया पर बिजली काट दी गई। चार अप्रैल को 700 रुपये दोबारा जमा किए। फिर दो दिन बाद बिजली कट गई। इसके बाद 906 रुपये जमा किए। फिर बिजली कट गई। समस्या पर अफसरों के चक्कर काटने मजबूर हुए।
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स्मार्ट मीटर लगने के बाद से लगातार समस्या आ रही है। बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन कट जा रहे है। पहले की अपेक्षा बिल भी अधिक आ रहा है। शासन से अगर राहत मिल रही है, तो यह अच्छा है। - पवन मौर्य।
सरकार की ओर से स्मार्ट मीटर को रोके जाना का फैसला काफी सही है। इससे लोगों को राहत मिलेगी। स्मार्ट मीटर से आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को ज्यादा दिक्कत हो रही है। - अरविंद श्रीवास्तव।
पवन मौर्य।
पवन मौर्य।