पीलीभीत। परिवारों की खुद की पहचान, फैमिली आईडी बनाने का काम जिले में धीमा है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे, परिवार भी बेपरवाह हैं। जिले में अब तक सिर्फ 12 फीसदी परिवारों की आईडी ही बन सकी है, जबकि तीन माह से अधिक समय हो चुका है।
एक परिवार-एक पहचान के तहत जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनकी फैमिली आईडी बनाई जा रही है। यह कार्य नवंबर से शुरू हुआ। जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉक क्षेत्र के परिवारोंं की फैमिली आईडी का पंजीयन किया जा रहा है। लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर से निशुल्क आवेदन कर फैमिली आईडी बनवा सकते हैं।
मोबाइल फोन और साइबर कैफे से भी आईडी बना सकते हैं। प्रशासन भी इसके लिए प्रयास कर रहा है। इसके बाद भी जिले में फैमिली आईडी बनाने का काम तेजी नहीं पकड़ रहा। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जिले में 88 हजार से अधिक परिवारों की फैमिली आईडी बनाई जानी है। अब तक करीब 10,300 परिवारों की फैमिली आईडी ही बन सकी है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।