शारदा नदीपार ट्रैक्टर पर बैठकर कटान देखने जाते बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता -
पूरनपुर। शारदा नदी में जलस्तर बढ़ने पर बुधवार को कटान की गति धीमी रही। खेतों में जलभराव होने से फसलें नष्ट होने और कटान रोकने के लिए बचाव कार्य न होने, कटान फिर होने की आशंका पर किसानों में चिंता है। बुधवार को बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता टीम के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर हजारा में नदी के समीप कटान देखने पहुंचे। नदी किनारे खेतों में जलभराव अधिक होने पर ट्रैक्टर कटान स्थल तक नहीं पहुंच सका। अब ड्रोन कैमरे से कटान की स्थिति देखकर खेतों में जलभराव कम होने पर बचाव कार्य होगा।
शारदा नदी से चार दिन पहले धनाराघाट के समीप जंगल की खाली पड़ी जमीन, चंदिया हजारा और शारदापार के हजारा के समीप कटान हो गई थी। तीन दिन में जंगल की खाली पड़ी कई एकड़ जमीन और चंदिया हजारा, हजारा गांव के 11 किसानों की कई एकड़ जमीन में लहलहाती खड़ी गन्ना की फसल नदी में समा गई। बुधवार को नदी का जलस्तर बढ़ने पर कटान की गति धीमी रही।
बुधवार को बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार निरंजन, अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार टीम के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर हजारा गांव के समीप नदी किनारे पहुंचे। खेतों में अधिक जलभराव होने से कटान स्थल तक नहीं पहुंच सके। अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि नदी जंगल की ओर से करीब ढाई किलोमीटर लंबा लूप बनाकर बह रही है। आबादी नदी से पांच सौ मीटर से अधिक दूरी पर है। खेतों में जलभराव और धीमा कटान हो रहा है। शीघ्र ही ड्रोन से कटान की स्थिति की जानकारी कराई जाएगी। खेतों मेंं जलभराव कम होने पर बचाव कार्य कराया जाएगा। संवाद
नहीं पहुंच सकेे एसडीएम
पूरनपुर। एसडीएम मंयक गोस्वामी शारदा नदी पार गांव हजारा के समीप हो रहे कटान का निरीक्षण करने के लिए अपनी गाड़ी से रवाना हुए। शास्त्रीनगर के समीप जलभराव के चलते उनकी गाड़ी कटान स्थल तक नहीं पहुंच सकी। एसडीएम को बगैर कटान देखे ही लौटना पड़ा। संवाद