पीलीभीत। जिले में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है। पिछले वर्ष मिले मरीजों का आंकड़ा इस वर्ष अक्तूबर में ही पार हो गया। अभी दो माह की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिले में अब तक 42 लोगों में एचआईवी की पुष्टि हो चुकी है। इनमें पुरुषों की संख्या अधिक है। इसमें एक ट्रांसजेंडर भी शामिल है। सभी का इलाज चल रहा है।
एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की रोकथाम के लिए प्रचार-प्रसार के साथ ही अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाता है। नियमित रूप से जांच की जाती है। बावजूद इसके जिले में एड्स के मरीजों का ग्राफ बढ़ रहा है। वर्ष 2023 में जनवरी से दिसंबर तक कुल 42 मरीजों में एचआईवी की पुष्टि की हुई थी। इसमें एक ट्रांसजेंडर भी शामिल है।
वहीं इस वर्ष अक्तूबर तक ही 42 मरीजों में एचआईवी की पुष्टि हो चुकी है। नवंबर व दिसंबर की रिपोर्ट आनी शेष है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिला अस्पताल के एचआईवी कक्ष में रोजाना करीब 50 मरीज जांच कराने पहुंचते हैं। इनमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं। जिले में महिलाओं की अपेक्षा पुरुष मरीजों की संख्या अधिक है।
उपचार के लिए जाना पड़ता है बरेली
जिला अस्पताल में परीक्षण के बाद एचआईवी की पुष्टि होने पर मरीज को उपचार के लिए बरेली जाना होता है। इसके बाद जिला अस्पताल में पीड़ित के लिए हर माह दवा मुहैया कराई जाती है। गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया जाता है।
विभागीय आंकड़ें
वर्ष 2023 में 33 पुरुष और आठ महिलाओं में इसकी पुष्टि हुई थी। इसके अलावा एक ट्रांसजेंडर में एचआईवी की पुष्टि हुई थी। इस तरह कुल 42 मरीज मिले थे। वर्ष 2024 में अक्तूबर तक ही 42 मरीजाें में इसकी पुष्टि हो चुकी है। इसमें 35 पुरुष व सात महिलाएं शामिल हैं। विभागीय आंकड़ाें के मुताबिक हर माह दो से तीन लोगों में इसकी पुष्टि हो रही है।
एड्स के बारे में जागरूक करने के लिए लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पीड़ित मरीजों को विभाग की ओर से समय रहते दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। - एसपी सिंह, नोडल एचआईवी