जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र टाइगर रिजर्व बुधवार शाम से पर्यटकों के लिए बंद हो गया। अंतिम दिन बारिश के बावजूद यहां पर्यटक पहुंचे। विभाग ने नवंबर से शुरू होने वाले सीजन से पूर्व यहां गैंडा परियोजना लागू करने की कवायद शुरू की है। सब कुछ ठीक चला तो अगले सीजन (नवंबर) से पर्यटकों को यहां बाघ और अन्य वन्य जीवों के अलावा गैंडा भी देखने को मिल सकता है।
बरसात का सीजन शुरू होने के चलते टाइगर रिजर्व को बुधवार शाम से बंद कर दिया गया। अब 15 नवंबर से इसे पुन: पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। इस सीजन में पर्यटकों की संख्या और उससे हुई आमदनी से टाइगर रिजर्व प्रशासन काफी उत्साहित है और आगामी सीजन में यहां की व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने की योजना तैयार करने में जुट गया है। बरसात के सीजन में बंदी के दौरान यहां कुछ नए कार्य कराए जाएंगे, साथ ही पुरानी व्यवस्थाओं को भी और सुदृढ़ किया जाएगा।
नहीं पहुंचा कोई विदेशी पर्यटक
टाइगर रिजर्व बनने के बाद से ही यहां देशी पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटकों के आने की भी उम्मीद जताई गई थी, लेकिन पूरे सीजन में विभाग विदेशी पर्यटकों का इंतजार ही करता रहा, लेकिन अंत तक यहां कोई भी विदेशी पर्यटक नहीं पहुंचा। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले वर्ष विदेश पर्यटक टाइगर रिजर्व का लुत्फ उठाने पहुंचेंगे।
गैंडा परियोजना की कवायद शुरू
टाइगर रिजर्व के जंगल में पर्यटकों को यहां बाघ, बारहसिंहा समेत तमाम वन्यजीव तो देखने को मिलते ही रहे हैं, लेकिन टाइगर रिजर्व प्रशासन अगले सीजन से पहले यहां गैंडा परियोजना को लागू करना चाहता है। अधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा भी पिछले साल की जा चुकी है। सब कुछ ठीक रहा तो आगामी सीजन में पर्यटक टाइगर रिजर्व में बाघ के अलावा गैंडा भी देख सकेंगे। इसके लिए शासन के निर्देश पर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए डीएफओ कैलाश प्रकाश ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. मुदित गुप्ता के साथ ही टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के विभिन्न वेटलैंड बाहुल्य क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों की मानें तो फिलहाल दो स्थान चिन्हित किए गए हैं। अब इन दोनों स्थलों का विस्तृत सर्वे कर गैंडा के अनुकूल परिस्थितियों का सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर गैंडा परियोजना का प्रोजेक्ट तैयार का शासन को भेजा जाएगा।
टाइगर रिजर्व के इस सीजन में अपेक्षा के अनुरूप पर्यटक पहुंचे हैं। अगले वर्ष गैंडा परियोजना लागू की जाएगी। इसके अलावा कुछ अन्य सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- कैलाश प्रकाश, डीएफओ