पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार जिले में 12 नए जन औषधि केंद्र खुलवाने का दावा तो कर रहे, लेकिन इनमें से एक भी धरातल पर नहीं उतरा है। यही नहीं करीब तीन महीने से जिला अस्पताल स्थित केंद्र भी बंद पड़ा है। ऐसे में मरीजों को सस्ती जेनरिक दवाएं ही नहीं मिल पा रहीं। मरीजों की दिक्कतों से जिम्मेदार बेपरवाह हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र खोला गया। यहां पर शुरूआत में मधुमेह, रक्तचाप, एंटीबायोटिक समेत अन्य जेनेरिक दवाएं सस्ते दामों पर मरीजों को मुहैया कराई गईं। मरीजों को इसका लाभ भी मिला।
जनवरी में जन औषधि केंद्र के संचालक का अनुबंध समाप्त हो गया। इसके बाद से यह केंद्र बंद है। नए संचालक का चयन हो चुका है, लेकिन केंद्र का संचालन अब तक शुरू नहीं हुआ। जिम्मेदार पूरनपुर, माधोटांडा, बीसलपुर आदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत जिले में 12 नए जन औषधि केंद्र भी नहीं खुलवा पाए हैं।
वर्जन :
जिले की 10 सीएचसी, जिला महिला व जिला अस्पताल में मिलाकर 12 जन औषधि केंद्र खोले जाने है। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही सभी केंद्र शुरू हो जाएंगे। - डाॅ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ