पूरनपुर। शारदा नदी पार के गांव मुरैनिया गांधीनगर के एक घर में घुसकर पड्डा खींचकर ले जाने वाले बाघ को दूसरे दिन भी टीमें नहीं खोज सकीं। पड्डे का शव भी गन्ने के खेत में नहीं मिला।
बाघ के गन्ना के खेतों में होने की आशंका पर क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। हालांकि,वन विभाग के अफसर बाघ के नदी के किनारे होते हुए जंगल की ओर जाने का दावा कर रहे हैं।
रविवार सुबह करीब तीन बजे हजारा थाना क्षेत्र के गांव मुरैनिया गांधीनगर निवासी रवि प्रसाद के घर में घुसकर बाघ ने पड्डे (भैंस का बच्चा) पर हमला कर दिया था। बाघ पड्डे को पास के गन्ना के खेत में खींच ले गया। संपूर्णानगर रेंज की टीम रविवार को पूरे दिन बाघ और पड्डे की तलाश में जुटी रही।
रेंज से जाली लगा ट्रैक्टर लाया गया। ट्रैक्टर गन्ना के खेत में कई मीटर तक ले जाया गया। इसके बाद बाघ न मिलने पर खेत स्वामी ने फसल को नुकसान होने की बात कहकर ट्रैक्टर और अंदर तक ले जान से मना कर दिया।
गन्ने के कई खेत आपस में मिले होने पर बाघ को ढूंढना मुश्किल होना मानकर अभियान रोक दिया गया। खेतों में बाघ होने की आशंका पर क्षेत्र के लोग दहशत में है। संपूर्णानगर रेंजर अनिल कुमार ने बताया कि संभावना है कि बाघ नदी किनारे होते हुए जंगल की ओर चला गया है। जंगल की ओर जाते बाघ के पगचिह्न भी मिले हैं। निगरानी के लिए टीमें लगी हुई हैं। संवाद