पीलीभीत/अमरिया। अमरिया में एक बार फिर से तेंदुओं की दहशत बढ़ने लगी है। रविवार तड़के शिकार का पीछा करते हुए एक गन्ना सेंटर पर पहुंच गया। आहट लगने पर सेंटर का चौकीदार बुरी तरह घबरा गया और बाइक से उसी समय गांव लौट आया। वनकर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर पगचिह्न ट्रेस कर तेंदुआ होने की पुष्टि की है। गांव रसूला में घरों के आसपास भी तेंदुए के पैरों के निशान देखे गए हैं।
अमरिया तहसील के आबादी क्षेत्र के आसपास दस से अधिक बाघ तो प्रवास कर ही रहे हैं। अब एक-डेढ़ साल से तेंदुओं ने चहलकदमी कर दहशत फैलानी शुरू कर दी है। हालांकि पांच माह तक क्षेत्रवासियों का सिरदर्द बने एक हिंसक तेंदुए को पकड़कर 25 अक्टूबर को कानपुर चिड़ियाघर भेजा जा चुका है। इससे क्षेत्रवासियों ने काफी राहत महसूस की थी, मगर कुछ दिन पूर्व क्षेत्र में सूरजपुर में किसान परमवीर सिंह पैरी के फार्महाउस के पास एक तेंदुआ देखा गया था। हालांकि उसके बाद तेंदुआ नहीं दिखाई दिया।
उधर, रविवार की सुबह एक तेंदुए ने पुन: दस्तक देकर दहशत फैला दी। क्षेत्र के गांव रसूला से करीब 500 मीटर दूर गन्ना सेंटर लगाया गया है। सेंटर पर रात में गांव रसूला निवासी सपन मंडल चौकीदारी का काम करता है। शनिवार की रात भी सपन खाना खाने के बाद गन्ना सेंटर में तिरपाल के नीचे सो गया। बताते हैं कि रविवार तड़के करीब चार बजे गन्ना सेंटर पर जंगली सुअर के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। इस पर सपन की आंख खुल गई। आहट पाते ही सपन को समझते देर नहीं लगी। मौका देख सपन बाइक उठाकर सेंटर से भाग खड़ा हुआ और गांव पहुंच गया। गांव पहुंचकर उसने अन्य ग्रामीणों को बताया। सूचना पर वन रक्षक शैलेंद्र सिंह, सोनी सिंह, राजीव ढाली और चेतन मौके पहुंचे और पगचिह्न ट्रेस कर उन्होंने तेंदुआ होने की पुष्टि की।
गांव रसूला में हरजीत सिंह, आशीष, तपन मंडल और बबलू के घर के आसपास भी तेंदुए के पैरों के निशान देखे गए हैं। रविवार को रसूला समेत आसपास गांवों में भी तेंदुए की दहशत देखी गई।
रसूला गांव के आसपास तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली थी। टीम को मौके पर भेजा गया था। तेंदुए के पगचिह्न मिलेे हैं। ग्रामीणों सेे सतर्क रहने की अपील की गई है।
- सत्येंद्र कुमार चौधरी, रेंजर, सामाजिक वानिकी प्रभाग