कलीनगर। चूका बीच के अलावा जनपद के अन्य इलाकों में पर्यटन को विकसित करने की कवायद हो रही है। टाइगर रिजर्व प्रशासन के अलावा पर्यटन विभाग भी जंगल से सटे इलाके में जमीनों की तलाश में जुटा है। खटीमा मार्ग पर पिपरिया संतोष गांव के सामने सिंचाई विभाग की खाली पड़ी जमीन को मुफीद माना गया है। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर पत्राचार भी शुरू किया गया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के कोर जोन में चूका बीच स्थापित होने के चलते पर्यटन को विस्तार नहीं दिया जा सका। एनटीसीए ने नियमों का हवाला देकर इंसान की दखलंदाजी को कम करने के तीन साल पूर्व निर्देश भी दिए थे। हालांकि टाइगर रिजर्व और जनपद में कई ऐसी जगह है जहां पर्यटन को आसानी से बढ़ाया जा सकता है।
पिछले दिनों पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने भी पीटीआर का दौरा कर पर्यटन के विस्तार पर चर्चा करने के साथ कई स्थानों का भी भ्रमण किया था। इसके बाद क्षेत्र को चिह्नित करने निर्देश दिए थे। इधर, शासन और अफसर की दिलचस्पी के बाद एक बार फिर कार्रवाई तेज हुई है। पर्यटन विभाग ने माधोटांडा खटीमा मार्ग पर पिपरिया संतोष गांव के सामने सिंचाई विभाग की भूमि का निरीक्षण कर सर्वे किया। यह भूमि करीब आठ एकड़ दायरे में है। भूमि का ट्रांसफर के लिए भी पत्राचार शुरू किए गए हैं।
कई अन्य जगह भी तलाश जा रही भूमि
पर्यटन को विस्तार देने के लिए महोफ और बराही रेंज के जंगल से सटे इलाके में भूमि की तलाश शुरू की गई है। इसके लिए खटीमा मार्ग पर सिंचाई विभाग की जमीन के अलावा बराही रेंज से सटे इलाकों में भी जमीनों को तलाश किया जा रहा है। विभागीय जमीन के साथ ही किसानों की जमीनों को भी का तलाश किया जा रहा है।
पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर जमीनों की तलाश की गई है। पिपरिया संतोष गांव के निकट सिंचाई विभाग की भूमि को चिह्नित किया गया है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर