बरखेड़ा/पीलीभीत। गांव मुड़िया कुंडरी में बुधवार शाम एक मासूम खेलते समय देवहा नदी में गिर गया। ग्रामीणों ने उसे निकाला तो उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार ने बालक का शव दफना दिया है। बरखेड़ा क्षेत्र के गांव मुड़िया कुंडरी निवासी नथूलाल वर्मा ने बताया कि गांव के पास देवहा नदी बहती है। उनका छह वर्षीय नाती ह्रदेश कुमार बुधवार शाम गांव के कुछ बच्चों के साथ नदी के पास खेल रहा था।
वहां किसी तरह ह्रदेश का पैर फिसल गया और वह नदी में गिर गया। अन्य बच्चों ने उसे नदी में गिरता देख शोर मचाना शुरू कर दिया। पड़ोस में बने मकान की कुछ महिलाएं मौके पर आ गईं। महिलाओं ने भी शोरशराबा शुरू कर दिया। इससे और ग्रामीण व राहगीर भी आ गए। लोगों ने नदी में उसकी तलाश शुरू कर दी।
करीब एक घंटे तक तलाश करने के बाद ह्रदेश को पानी से बाहर निकाला जा सका। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम की मौत से घर में मातम पसर गया। तीन भाई बहनों में ह्रदेश बीच का था। पुलिस को सूचना दिए बिना ही परिवार ने शव दफना दिया।
नदी के तेज बहाव से पहले भी गई तीन बच्चों की जान - गांव बिसेन में 17 दिन पहले भी मासूम और दो किशोरों की अप्सरा नदी में डूबने से मौत हो चुकी है। जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव बिसेन से करीब पांच सौ मीटर दूर अफ्सरा नदी बहती है। बिसेन के शमीम और यासीन की बहन बरेली के सीबीगंज दौली मुरकपुरा निवासी सन्नो ईद मनाने अपने 14 वर्षीय पुत्र कैफ और दस वर्षीय पुत्र रेहान के साथ आई थी।
दो मई को यासीन का सोलह वर्षीय पुत्र फईम और शामीन का चौदह वर्षीय पुत्र मोइन नदी में भैंस नहलाने गए थे। उनके साथ दोनों फुफेरे भाई भी चले गए। नदी के तेज बहाव में रेहान, मोइन व फईम की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शवों को तलाशने की कोशिश की मगर कामयाबी नहीं मिली। कई दिन बाद शव बरामद हुए। तीनों बच्चों की मौत एकदूसरे को बचाने के चक्कर में हुई थी।