चांदूपुर में बाघिन के दिखने की सूचना से दहशत
अरेस्ट, डेथ वारंट के 24 घंटे बाद भी खूनी बाघिन का पता नहीं चला है। बृहस्पतिवार को चांदुपूर में लोकेशन मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसके पदचिह्न ट्रेस किए। इसके बाद हाथियों की मदद से सर्च आपरेशन चलाया गया लेकिन बाघिन नहीं मिली। आदमखोर होती जा रही बाघिन को बेहोश कर पकड़ने और इस दौरान उसके भागने या हमला करने के प्रयास पर मारने के आदेश प्रमुख मुख्य वन संरक्षक उमेंद्र शर्मा ने दिए थे। इसके लिए छह टीमें भी बनाई गई हैं। बृहस्पतिवार सुबह माधोटांडा थाना क्षेत्र के चांदूपुर एवं इससे सटे वीरखेड़ा गांव के निकट खेतों में बाघिन देखे जाने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। इस पर लखनऊ से आई टीम के पीपी सिंह, डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, डीएफओ आदर्श कुमार, कैलाश प्रकाश, एसडीओ केपी सिंह टीम के साथ पहुंचे। ग्रामीणों से जानकारी करने के बाद टीम ने क्षेत्र मेें तलाश की। इस दौरान शत्रुध्न पांडेय के खेत में बाघिन के पदचिह्न भी मिले। इससे बाघिन केक्षेत्र में पहुंचने की पुष्टि हुई। इसके बाद चार हाथियों की मदद से ट्रैंक्युलाइजिंग टीम ने बताए गए गन्ने के खेत में उसकी तलाश शुरू की। करीब तीन बजे से चार बजे तक चले सर्च आपरेशन में टीम को बाघिन नहीं मिली।
पिंजरा और कैमरा लगा
गांव के निकट बाघिन दिखी लेकिन वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ी। उसके आसपास होने की संभावनाओं को देखते हुए विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा और कैमरे लगाए हैं साथ ही टीम को भी तैनात किया है।
बाघिन दिखने की सूचना पर टीम पहुंची थी। पदचिह्न भी मिले हैं लेकिन हाथियों से कांबिंग में बाघिन नहीं मिली। क्षेत्रवासियों से भी एलर्ट रहने को कहा गया है साथ ही निगरानी टीम, पिंजरा व कैमरे लगाए गए हैं।
- आदर्श कुमार, डीएफओ सामाजिक वानिकी