खूनी बाघिन का अरेस्ट ऑर डेथ वारंट जारी
0खूनी बाघिन को विभाग ने आदमखोर तो घोषित नहीं किया है, लेकिन मानव जीवन के लिए बढ़ रहे खतरे को देखते हुए वन्यजीव प्रतिपालक उमेंद्र शर्मा ने इसे ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ने के आदेश दिए हैं। इस दौरान यदि बाघिन भागती है अथवा हमलावर होती है तो उसे मारा भी जा सकता है। इसके लिए वन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। टाइगर रिजर्व कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पीसीसीएफ उमेंद्र शर्मा ने बताया कि बुधवार की रात कोई हमला नहीं हुआ। यह अच्छा संकेत है, लेकिन क्षेत्र के लिए खतरा बन चुकी बाघिन से मुक्ति दिलाने के लिए उसे पकड़ने अथवा मारने की रणनीति तैयार कर ली गई है। विभाग लगातार बाघिन की तलाश में जुटा है। इसके लिए पांच-पांच सदस्यों की छह टीमें बनाई गई हैं जो संभावित स्थानों पर नजर रखे हुए हैं। उसकी लोकेशन मिलते ही ट्रैंक्यूलाइज कर पकड़ा जाएगा। पकड़े जाने पर उसे चिड़ियाघर भेजने की योजना है। उन्होंने बताया कि ट्रैंक्यूलाइजिंग आप्रेशन के दौरान बाघिन भागने अथवा टीम पर हमला करने का प्रयास करती है तो उसे मारने के आदेश भी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दो हथिनियां पहले से ही यहां पहुंची हुई हैं। अब दो और हाथियों को मंगाया जा रहा है। इसके साथ ही ट्रैंक्यूलाइजिंग एक्सपर्ट की टीमें बनाई गई हैं। पीसीसीएफ ने बताया कि वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व की तार फेसिंग होनी चाहिए लेकिन इसके लिए पर्याप्त बजट न होने से दिक्कत आ रही है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इस दौरान मुख्य वनसंरक्षक अरविंद गुप्ता, वनसंरक्षक वीके सिंह, डीएफओ आदर्श कुमार, कैलाश प्रकाश, एसडीओ केपी सिंह व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार भी मौजूद रहे।
दो ड्रोन कैमरे भी उपलब्ध कराए
बाघिन की निगरानी के लिए क्षेत्र में टीम के भ्रमण के अलावा लेजर कैमरे लगाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के साथ ही विभाग को अस्थाई रूप से दो ड्रोन कैमरे भी उपलब्ध कराए गए हैं। बाघिन की लोकेशन मिलने पर इनकी मदद से भी उसकी खोज की जाएगी।
बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट भी मिले
जंगल अथवा इसके बाहर गश्त के दौरान वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए बॉडी प्रोटेक्टर एवं हेल्मेट भी उपलब्ध कराए हैं। बुधवार को इसकी खेप भी टाइगर रिजर्व पहुंच गई है।
जल्द बनेगी टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स
पीसीसीएफ ने बताया टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स बनाने की तैयारियां चल रहीं हैं। इसके लिए पीएसी से प्रतिनियुक्ति पर स्टाफ तैनात किया जाएगा। चुनाव में फोर्स की कमी के चलते फोर्स गठन का काम कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।