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Pilibhit News: मारे गए आतंकियों को होटल में ठहराने वाला मददगार तीन दिन की पुलिस रिमांड पर

Fri, 03 Jan 2025 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पूरनपुर। मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकियों को होटल में ठहराने वाले मददगार गजरौला जप्ती गांव निवासी जसपाल सिंह सनी को पुलिस ने तीन दिन के लिए रिमांड पर लिया है। सनी से मारे जाने से पहले आतंकियों के मूवमेंट और बब्बर खालसा के इंग्लैंड में बैठे अातंकी कुलबीर सिंह सिद्धू के स्थानीय संबंधों के बारे में खासताैर पर पूछताछ होगी।
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बृहस्पतिवार को उसे कड़ी सुरक्षा में जेल से कोतवाली लाया गया। यहां एनआईए और पंजाब पुलिस ने भी रिमांड पर लिए सनी से पूछताछ की। हालांकि पहले दिन उसने क्या बताया? ये अभी स्पष्ट नहीं है। सनी को शनिवार को कोर्ट खुलने के समय तक किसी समय भी कोर्ट में हाजिर करना होगा।
पंजाब के गुरदासपुर की कालानौर थाने की बख्शीवाला पुलिस चौकी पर 18 दिसंबर को ग्रेनेड फेंकने के आरोपी तीनों आतंकियों को 23 दिसंबर की सुबह पूरनपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया था। आतंकी वहां से भागकर पूरनपुर आए थे और यहां 20 दिसंबर की शाम को गजराैला जप्ती निवासी जसपाल सिंह सनी ने हरजी होटल में ठहराया था। आतंकियों की मदद के लिए सनी के पास इंग्लैंंड से आतंकी सिद्धू ने फोन किया था।
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सिद्धू ने कहा था कि उसके तीनों दोस्तों को ठहराना है। इसी के बाद सनी गांव के साथी दीपक को साथ लेकर पूरनपुर आ गया था। असम हाईवे बंडा चौराहा पर तीनों आतंकवादी उसको इंंतजार करते मिले थे। होटल जाने से पहले तीनों आतंकियों ने एक मेडिकल स्टोर से नशे के कैप्सूल खरीदे थे और फिर कृष्णा ढाबा पर खाना खाया था।



बाद में आतंकवादियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज में आतंकियों के साथ दिखे सनी को पकड़ा था। हिरासत में सिद्धू की काॅल आने समेत अन्य जानकारियां मिलने के बाद 28 दिसंबर को सनी को जेल भेज दिया गया था। इधर, अब पुलिस व जांच एजेंसियों को रिमांड पर सनी से कई राज खुलने की उम्मीद है। कोतवाल नरेश कुमार त्यागी ने बताया कि सनी से पूछताछ की जा रही है।

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हिरासत में पुलिस को घुमाता रहा था सनी, सीएचसी से भागने की थी कोशिश

होटल में ठहराने के लिए आतंकियों के बलिया के पते पर बने फर्जी आधार कार्ड इंग्लैंड से सिद्धू ने यहां सनी के फोन पर ही व्हाट्सएप पर भेजे थे। पूछताछ में पहले उसने पुलिस को पूरी जानकारी नहीं दी। वह सही बात नहीं बता रहा था। हालांकि उसके साथी दीपक ने पूरी बात बता दी थी। यही नहीं जेल जाने से पहले सीएचसी में मेडिकल को ले जाते समय सनी ने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश भी की थी।
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