पीलीभीत। जिले में ज्वाइन करने के बाद से ही विवादों में आए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 95 कार्याें की निविदा में अनियमितता की शिकायत पर हुई जांच के बाद डीएम की ओर से भेजे गए पत्र पर शासन ने अपर मुख्य अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
नवंबर में जिला पंचायत ने 95 विकास कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की थी। टेंडर खुलते ही जिला पंचायत विवादों में आ गई। जिला पंचायत के पंजीकृत ठेकेदारों ने निविदा खोलने में शासनादेश की अनदेखी का आरोप लगाया। अपर मुख्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। नियमाें की अनदेखी कर सार्वजनिक अवकाश के दिन वित्तीय और तकनीकी निविदा कुछ ही घंटे के अंतराल में खोली गई।
डोंगल के प्रयोग में भी मनमानी का आरोप लगा। मामले में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने सीडीओ आरके श्रीवास की अध्यक्षता में सिटी मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ लेखाधिकारी व लोनिवि के अधिशासी अभियंता की टीम गठित कर जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में एएमए स्तर से लापरवाही की बात सामने आई थी। इसके बाद टेंडर निरस्त कर दिए गए। डीएम ने 26 दिसंबर को शासन को पत्रावली भेजकर एएमए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी।
डीएम की रिपोर्ट पर शासन ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। इस संबंध में पंचायती राज अनुभाग दो के संयुक्त सचिव राजेश कुमार त्यागी ने पत्र जारी किया है।