विधानसभा चुनाव 1996 में जिले की जनता ने चारों सीटों पर अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों को जिताया। शहर से भाजपा की राजराय ने चुनाव जीतकर पहली महिला विधायक होने का गौरव हासिल किया। बरखेड़ा में पांच बार विधायक रहे भाजपा के किशनलाल को समाजवादी जनता पार्टी के पीतमराम ने फिर हराया। बीसलपुर में बसपा के अनीस अहमद तो पूरनपुर में सपा के गोपाल कृष्ण ने जीत दर्ज की। भाजपा की हवा 1993 की तरह चली तो इस चुनाव में भी, वह चार में से एक सीट पर ही जीत पाई। बाकी तीन सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। शहर से जीतने वाली भाजपा उम्मीदवार राजराय सिंह तत्कालीन प्रमुख सचिव राय सिंह की पत्नी थीं। उन्होंने सजपा के हारून अहमद को हराया था। राजराय को 37875 और हारून को 27269 मत मिले थे। बरखेड़ा में भाजपा के किशनलाल को सजपा के पीतमराम ने दूसरी बार हराया। पीतमराम को 48292 और किशनलाल को 32840 मत मिले। बीसलपुर में बसपा ने पहली बार खाता खोला। यहां अनीस अहमद ने भाजपा के विधायक रामसरन वर्मा को 8519 मतों से हराया। पूरनपुर में सपा के गोपाल कृष्ण सक्सेना ने अपने पहले ही चुनाव में ही भाजपा के विनोद तिवारी को 4452 मतों से हराकर विधायक बने।
दलबदल के साथ बगावत भी हुई
1996 के चुनाव में कई नेताओं ने दल बदले और बगावत भी की। शहर से टिकट न मिलने पर भाजपा के निवर्तमान विधायक बीके गुप्ता ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 16355 मत पाकर पांचवें स्थान पर रहे। हारून अहमद भी सपा छोड़कर सजपा से चुनाव लड़े। बरखेड़ा में सपा के पीतमराम जनतादल छोड़कर सजपा से लड़े और विजयी रहे जबकि कांग्रेस छोड़कर पूर्व विधायक सन्नूलाल ने सपा प्रत्याशी के रूप में उतरे थे। पूरनपुर में पिछला चुनाव सपा से लड़ने वाले विनोद तिवारी भाजपा में शामिल हो गए और 60878 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे।