पीलीभीत। गांव रमपुरा नौगमा में प्रधानी के चुनाव के बाद से सुलग रही रंजिश की आग में सुरेश चंद्र की जान चली गई। वोट न देने और दूसरे पक्ष का सहयोग करने पर आरोपी सुरेश चंद्र और उसके परिवार से खफा थे। इसी रंजिश में बृहस्पतिवार को खेत से लौटते समय आरोपियों ने लाठी-डंडे, धारदार हथियार और राइफल की बट से सुरेश चंद्र और उनके बेटों पर हमला कर दिया।
सुरेश के बेटे देवेंद्र कुमार ने बताया कि गांव के अजय पाल का पक्ष प्रधानी का चुनाव लड़ता है। एक बार उनके पिता सुरेश चंद्र ने भी चुनाव लड़ा था। इसके बाद वह दूसरे पक्ष का चुनाव में सहयोग करते रहे। इस बात को लेकर अजय पाल का पक्ष उसके पिता से रंजिश मानने लगा था। आरोपी पक्ष दबंग किस्म के हैं। पूर्व में धमकी भी देते रहे हैं।
दोपहर के समय वह अपने पिता सुरेश, भाई जितेंद्र और मां इंद्रवती के साथ खेत पर लगी सब्जियों को तोड़कर घर लौट रहे थे। गांव से करीब चार सौ मीटर पहले घात लगाए बैठे अजय, उमेश, रविंद्र, बेचे लाल, आकाश, राम सिंह और हरीश ने पहले पिता सुरेश और भाई जितेंद्र पर लाठी-डंडों व धारदार हथियार से हमला कर दिया। राइफल की बट से भी प्रहार किया। इससे पिता गंभीर घायल हो गए। बचाने पर आरोपियों ने उसे व मां इंद्रवती को भी पीटा। करीब 20 मिनट तक आरोपी मारपीट करते रहे। बेसुध हालत देख आरोपी मौके से भाग गए। पुत्र ने बताया कि आरोपियों ने रंजिशन उसके परिवार को बिखेर दिया। पिता की मौत से परिजन बदहवास हैं।
होली पर भी आरोपियों ने घर में घुसकर की थी मारपीट
देवेंद्र ने बताया कि पिछली होली के दौरान भी आरोपियों ने विवाद किया था। आरोपी पक्ष ने उसके घर में घुसकर परिजनों के साथ मारपीट की थी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बृहस्पतिवार को रंजिशन आरोपियों ने एक राय होकर घटना को अंजाम दिया।