पीलीभीत। लंबे समय से गंभीर आरोपों में घिरी एसओजी के खिलाफ एसपी अभिषेक यादव ने कार्रवाई की है। लखनऊ में गोल्फ क्लब चौराहे के पास हजारा थाना क्षेत्र निवासी महिला के आत्मदाह करने की कोशिश की घटना के बाद एसपी ने मंगलवार शाम एसओजी प्रभारी समेत पूरी टीम को लाइन हाजिर कर दिया। इस कार्रवाई से विभाग में खलबली मच गई।
हजारा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला 23 जून को भाई और भांजे के साथ लखनऊ पहुंची थी। उसने लखनऊ के गोल्फ क्लब चौराहे के पास आत्मदाह की कोशिश की थी। महिला ने एसओजी प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। कहा था कि घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी, मारपीट और लूट की गई।
इस वजह से हजारा थाना पुलिस ने पहले तो मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली की। करीब 20 दिन के बाद केस दर्ज किया और कार्रवाई में शिथिलता बरती। मामला संज्ञान में आने पर एसपी अभिषेक यादव ने पीड़िता से बात कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं हजारा पुलिस लखनऊ जाकर महिला को वापस लाई।
मामले को गंभीरता से लेकर एसपी ने जांच कराई। इसके बाद मंगलवार शाम एसओजी प्रभारी क्रांतिवीर सिंह, मुख्य आरक्षी अजब सिंह, आरक्षी अजय चौधरी, शाहनवाज व कुलदीप को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी अभिषेक यादव ने बताया कि एसओजी को लाइन हाजिर किया गया है। हजारा थाने में दर्ज मुकदमे में निष्पक्ष विवेचना के निर्देश दिए गए हैं।
यह है पूरा मामला
घटना हजारा थाना क्षेत्र में नेपाल सीमा से सटे एक गांव में 23 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे घटी, जबकि थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर 14 मई को रिपोर्ट दर्ज की। रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया था कि वह बहन के साथ घर में सोई थी। रात 1:30 बजे चार पहिया वाहन से पहुंचे पांच लोगों ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की। बहन और उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर चारपाई से नीचे गिराकर पिटाई की। जान से मारने की धमकी देते हुए असलहों के बल पर सोने की बाली लूट ली। शोर-शराबे पर पड़ोस के झाले में सो रहे भाई के पहुंचने पर उसकी भी पिटाई की। पीड़िता का आरोप है कि घटना को एसओजी टीम ने ही अंजाम दिया।
तीन दिन पूर्व सीएम को पत्र भेजकर की थी सीबीसीआईडी जांच की मांग
हजारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी न्याय न मिलने पर पीड़िता ने तीन दिन पूर्व मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। इसमें घटनाक्रम का हवाला देते हुए मामले की सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग की थी। पीड़िता का पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था, लेकिन अफसर गंभीर नहीं हुए। आहत होकर महिला लखनऊ पहुंच गई। लखनऊ में आत्मदाह के प्रयास के बाद अफसर गंभीर हुए।
शाहजहांपुर के एसपी ग्रामीण करेंगे मामले की जांच
आत्मदाह की कोशिश करने वाली महिला के एसओजी समेत पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप के बाद आला अफसर भी गंभीर हुए है। मामले की सच्चाई जानने के लिए गैर जनपद के अधिकारी से जांच कराई जा रही है। डीआईजी अजय पाल साहनी ने मामले की जांच शाहजहांपुर के एएसपी ग्रामीण को सौंपी है।