पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में आयुष्मान कक्ष में खाली पड़ी कुर्सी।संवाद
पीलीभीत। बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग व्यवस्था की मार झेलने को मजबूर हैं। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए जिला अस्पताल आने वाले बुजुर्गों को जिम्मेदार कर्मचारी टरका रहे हैं। इतना ही नहीं आयुष्मान कक्ष के कर्मचारी महज दो घंटे ही कार्ड बनाते हैं और कार्यालय में उपस्थित रहने की समयावधि से पहले ही खिसक लेते हैं। इससे बुजुर्गों को इधर से उधर भटकना पड़ता है।
जिला अस्पताल के ओपीडी परिसर में संचालित आयुष्मान कक्ष में 70 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्ग आयुष्मान कार्ड बनवाने को पहुंच रहे हैं। दो से तीन दिन तक चक्कर लगाने के बाद भी बुजुर्गों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इस कक्ष में तैनात कर्मचारियों की मनमानी से बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी महज 10-12 बजे तक ही कक्ष में आयुष्मान कार्ड बनाने का दावा करते हैं। इस समयावधि में भी कर्मचारी कार्यालय से चले जाते हैं।
कक्ष में देरी से पहुंचने के साथ ही काम भी देर से ही शुरू करते हैं। इससे वहां बुजुर्गाे की लंबी लाइन लग जाती है। इसके बाद समयावधि से पहले ही कर्मचारी चले जाते हैं, जिससे अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे बुजुर्गों को फिर दूसरे दिन आना पड़ता है।
बृहस्पतिवार को करीब 11:45 बजे आयुष्मान कक्ष में महज एक कर्मचारी मौजूद था, जबकि आयुष्मान मित्र के जिला समन्यवक वहां मौजूद नहीं थे। पूछे जाने पर बताया कि वह किसी जरूरी काम से अभी कक्ष से बाहर गए हैं। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि आयुष्मान कक्ष के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती रहती है। इस मामले की भी जानकारी की जाएगी।