राष्ट्रीय मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगे बीएलओ की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक में कोई भी अधिकारी न पहुंचने से बैठक बस खानापूरी ही रह गई। इसमें बीएलओ ने स्टेशनरी और मानदेय की मांग की।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर निर्वाचक नामावलियों में संशोधन और उन्हें आधार नंबर से लिंक करने का काम चल रहा है। तीन मार्च से 31 जुलाई तक चलने वाले इस कार्य के लिए रोजगार सेवक व नलकूप ऑपरेटरों को बीएलओ के रूप में लगाया गया है। सोमवार को सदर तहसील क्षेत्र के बीएलओ की बैठक तहसील सभागार में हुई।
करीब 11 बजे शुरू र्हुई बैठक में तहसील क्षेत्र के ब्लॉक ललौरीखेड़ा, मरौरी और अमरिया के सभी रोजगार सेवक व नलकूप ऑपरेटर पहुंचे लेकिन कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा, जबकि बीएलओ को एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक होने की जानकारी दी गई थी। अधिकारी के न आने पर रजिस्ट्रार कानूनगो आरबी लाल ने बीएलओ को मतदाता सूची संबंधी कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान बीएलओ ने इस कार्य के लिए स्टेशनरी और फार्म आदि की मांग की।
स्टेशनी न मिलने की जानकारी पर बीएलओ ने हंगामा किया और बिना स्टेशनरी काम करने में असहमति जताई। रजिस्ट्रार कानूनगो ने उन्हें आधार कार्ड नंबर से लिंक और अन्य कार्यों के लिए सभी मतदाताओं को मोबाइल से मैसेज देने को कहा। इस पर भी बीएलओ ने मोबाइल पर होने वाला खर्चा मांगा।
हंगामा होने पर बीएलओ बैठक छोड़कर जाने लगे बाद में सभी को बमुश्किल रोका गया। इस बाबत जानकारी करने पर तहसीलदार इंद्रकांत द्विवेदी ने बताया कि डीएम कार्यालय बुलाने के चलते बैठक में देरी से पहुंचा था और एसडीएम सदर पुलिस भर्ती में व्यस्त हैं। स्टेशनरी छपने गई हुई है जल्द सभी को वितरित कर दी जाएगी।