पीलीभीत। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मनरेगा श्रमिकों को रोजगार देने में जिला 61वें स्थान पर रहा है। जिले में 90 हजार से अधिक सक्रिय जॉब कार्ड धारक में 2,988 श्रमिकों को ही रोजगार दिया जा सका है। इससे मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतें फेल नजर आ रहीं हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में जिले के करीब 2 लाख 43 हजार 673 जॉब कार्ड धारक हैं। इसमें 90,012 सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं। मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार देने की गारंटी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 90,012 सक्रिय जॉबकार्ड धारकों ने काम मांगा। बावजूद इसके महज 2988 श्रमिकों को ही 100 दिन काम दिया जा सका। इसमें अनुसूचित जाति के 483, अनुसूचित जनजाति के 17 और अन्य के 2488 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया।
ललौरीखेड़ा ब्लाक 100 दिन रोजगार देने में सबसे फिसड्डी रहा। इस ब्लॉक में 365 दिन में महज 220 श्रमिकों को ही 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया। अन्य ब्लॉकों की स्थिति भी कुछ खास नहीं रही। इसके चलते मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने में जिला प्रदेश में 61वें स्थान पर रहा।
इन ब्लॉकों में इतने लोगों को मिला रोजगार
अमरिया- 761
बरखेड़ा- 241
बिलसंडा- 264
बीसलपुर- 347
ललौरीखेड़ा- 220
मरौरी- 233
पूरनपुर- 922
मनरेगा में काम मांगने वाले कार्ड धारकों को काम उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में यहां की रैंकिंग काफी अच्छी रही है।
- वंदना सिंह, उपायुक्त श्रम रोजगार।