जिला अस्पताल में आया सोलर पैनल का स्टॉक।
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज ने जिला अस्पताल को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया है। अस्पताल परिसर में 1.5 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा, इसके तहत करीब 25 सौ सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस परियोजना के शुरू होने के बाद जिला अस्पताल के बिजली खर्च आधा हो जाएगा व बिजली भी 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी मात्रा में बिजली की खपत होती है। ओपीडी, भर्ती वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, जांच केंद्र, एसी, लिफ्ट, लैब व अन्य चिकित्सीय उपकरणों के संचालन के कारण हर महीने लाखों रुपये का बिजली बिल आता है। अब सोलर प्लांट लगने के बाद जिला अस्पताल अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खुद ही बिजली बनाकर पूरा कर सकेगा।
प्रस्तावित योजना के तहत एक निजी संस्था जिला अस्पताल को अपने खर्चे पर 1.5 मेगावाट के अस्पताल की खाली छतों व परिसर के उपयुक्त स्थानों पर लगभग 25 सौ सोलर पैनल लगाएगी। इन पैनलों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बिजली उत्पादन होगा, जिसे सीधे अस्पताल की विद्युत आपूर्ति से जोड़ा जाएगा। सोलर प्लांट से तैयार होने वाली बिजली से अस्पताल के दैनिक संचालन में काफी राहत मिलेगी। बिजली कटौती की स्थिति में भी वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। सोलर प्लांट की स्थापना के लिए तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही कार्य शुरू होने की संभावना है।
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नौ रुपये से घटाकर 4.85 रुपये प्रति यूनिट देगा मेडिकल कॉलेज
जिला अस्पताल यूपीपीसीएल को कुल यूनिट का 9 रुपये प्रति दर के हिसाब से बिजली का बिल चुकाता था। जो महीनें में लाखों रुपये का बिल बनता था। अब सोलर पैनल लगाने के बाद मेडिकल कॉलेज को 9 से आधा 4.85 रुपये प्रति यूनिट देने से राहत मिलेगी। इससे जिला अस्पताल का महीने में लाखों रुपये बचेगा।
वर्जन
जिला अस्पताल में सोलर पैनल स्थापित होने से बिजली के बिल का खर्च लगभग आधा हो जाएगा। वहीं मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए बिजली आपूर्ति भी बेहतर हो सकेगी। - डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य स्वशासी राजकीय चिकित्सालय