पीलीभीत। महोफ रेंज में लंगाड़कर चलने वाली बाघिन की 14 दिन बाद मौजूदगी दिखाई दी। दावा किया गया कि 18 मई को निगरानी में लगे कैमरा ट्रैप में बाघिन कैद हुई है। पैर में सूजन कम होने से वह चलने में भी आराम महसूस कर रही है। सुरक्षा के लिहाज से दो टीमें 24 घंटे बाघिन की निगरानी कर रहीं हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की महोफ रेंज में तीन मई को लंगड़ाकर चलने वाली बाघिन का वीडियो सामने आया था। अफसरों ने मामले काे गंभीरता से लेकर उसकी निगरानी शुरू कर दी थी। पर्यटन क्षेत्र होने के चलते बाघिन को पकड़ने के लिए अनुमति लेने के प्रयास तेज कर दिए गए थे। लंबा समय बीतने के बाद भी बाघिन निगरानी में जुटी टीम की नजरों से दूर थी। तीन रेंजों की टीम की खोजबीन के बाद भी बाघिन की गतिविधियां ट्रेस नहीं हो सकी थीं। इसके बाद महोफ रेंज से सटे सुरई रेंज में भी निगरानी शुरू कराई गई थी।
उधर, डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघिन की गतिविधियां 18 मई को कैमरे में ट्रेस हुईं हैं। उसके पैर में सूजन भी कम हो गई लगती है। इससे वह आराम से चल पा रही है। सुरक्षा के लिहाज से दो टीमें 24 घंटे उसकी निगरानी में जुटी हैं। चार कैमरा ट्रैप भी चहलकदमी वाले क्षेत्र में लगे हुए हैं। बाघिन की मौजूदगी दिखाई देने से पीटीआर प्रशासन ने राहत महसूस की है।