जितेंद्र अवस्थी
पीलीभीत। जिले में सड़क हादसाें का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। वाहनों की तेज रफ्तार, क्षमता से अधिक सवारी और चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक और सुरक्षात्मक कार्यों की अनदेखी इसकी वजह है। प्रतिमाह होने वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कागजी आंकड़ेंं और दावों तक सीमित सुधारात्मक कार्यों से जिले की सड़कें सुर्ख हो रहीं हैं। जिंदगी पर ब्रेक लग रहा और घायल कई महीनों तक अस्पताल का बिल भर रहे हैं। हैरत की बात यह कि शहर के अंदर और हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर भी सुधारात्मक कार्य नहीं कराए गए हैं।
परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 27 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। यह ब्लैक स्पॉट चार एजेंसियों मोर्थ, एनएच बरेली, एनएचएआई और लाेक निर्माण विभाग में आते हैं। चिह्नित ब्लैक स्पॉट में दो शहर के अंदर हैं। टनकपुर हाईवे पर छतरी चौराहे से एलएच चीनी मिल जाने वाली सड़क और गोहनिया चौराहे से पहले गन्ना तिराहा शामिल है। इसके अलावा असम चौराहेे से बीसलपुर मार्ग और असम चौराहे से देवहा नदी पुल तक के क्षेत्र में ब्लैक स्पॉट शामिल है।
पूरनपुर हाईवे पर असम चौराहे से करीब छह किलोमीटर दूर पूरनपुर गेट चौकी के पास भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित है। यह सभी ब्लैक स्पॉट शहर के दायरे में आते हैं। मजे की बात यह है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली प्रत्येक बैठक में सभी एजेंसियां और अफसर जल्द सुधारात्मक कार्य का दावा करते हैं, लेकिन इन स्थानों पर हादसे को बढ़ावा देने वाले काम ही नजर आते हैं। सुधारात्मक और सुरक्षात्मक कार्य कुछ भी नहीं। संवाद
फोटाे:
छतरी चौराहे, चीनी मिल तिराहा पर बोर्ड गायब, सड़क पर खड़े होते वाहन
शहर के छतरी चौराहा से एलएच चीनी मिल और चीनी मिल तिराहे पर कोई भी सुधारात्मक कार्य नजर नहीं आता। छतरी चौराहे के पास एक छोटा से धीरे चले का बोर्ड लगा है। सड़क पर दोनों ओर डग्गामार वाहन, अस्पतालों के सामने अवैध पार्किंग सफर में जोखिम बढ़ा रही है। लोगों ने फुटपाथ पर वाहन मरम्मत की दुकान भी खोल रखी है। इस मार्ग से डीएम से लेकर अन्य अफसर दिन में कई बार गुजरते हैं।
फोटो:
निर्माणाधीन ओवरब्रिज का मलबा बढ़ा रहा खतरा, ट्रकों की कतार में छिपे बोेर्ड
असम चौराहे से बरेली मार्ग देवहा नदी पुल के ब्लैक स्पॉट सुधारात्मक कार्य कम, अफसरों की अनदेखी से सफर खतरनाक अधिक हो गया है। निर्माणाधीन ओेवरब्रिज का मलबा जोखिम बढ़ा रहा है। सोमवार की दोपहर डायवर्जन और अन्य संकेतक टूटे नजर आए। हाईवे के दोनों ओर सड़क पर ट्रकों की कतार दिखी। सफर में खतरा बढ़ा रहे इन ट्रकों पर अफसरों की मेहरबानी जारी है। फुटपाथ पर मरम्मत की दुकानें खुली हैं।
जनवरी से अब तक 205 की गई जान, करीब 300 घायल
जिले में जनवरी से अब तक हुईं दुर्घटनाएं और मृतकों के आंकड़े जिले में बढ़ रहे सड़क हादसों के ग्राफ की गवाही देे रहे हैं। जनवरी से अब तक 205 लोगों की मौत हो चुकी है। 300 के करीब लोग घायल हुए। जनवरी, मार्च, मई, जून और अगस्त में हादसों की संख्या अधिक रही।
जनवरी से सितंबर तक हुए हादसों के आंकड़े
माह दुर्घटना मृतक घायल
जनवरी 51 25 34
फरवरी 42 16 32
मार्च 41 22 38
अप्रैल 37 19 34
मई 52 35 35
जून 44 26 32
जुलाई 35 19 27
अगस्त 44 30 42
सितंबर 30 13 21
कुल ::: 376 205 295
वर्जन
ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक और सुरक्षात्मक कार्यों को लेकर बैठक में सभी एजेंसियों से कहा जाता है। कार्यों की जांच की जाती है। हादसों में कमी लाने को जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वाहन चालकों और आमजन को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ