प्राथमिक विद्यालय विथरा में प्रार्थना के बाद कक्ष में छाते छात्र संवाद
न्यूरिया। बाघिन की दहशत से मरौरी ब्लॉक के 24 परिषदीय और निजी स्कूलों के बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया था। ग्रामीण अपने खेतों पर काम करने नहीं जा पा रहे थे। शुक्रवार को इन सभी गांवों का नजारा बदला दिखा। गांवों के स्कूल खुले और तमाम बच्चे चहकते हुए अपने-अपने विद्यालय में पहुंचे।
प्राथमिक विद्यालय फुलहर और मंडरिया में बच्चे खुशी से चहकते दिखे। दूसरी और खेतों पर भी काफी रौनक नजर आने लगी। कई किसान अपने खेतों पर फसलें देखने पहुंचे। कई जगह ग्रामीणों ने धान की फसल में निराई का कार्य भी निपटाया। दोपहर के समय गांव मंडरिया के बाहर एक किसान अपनी बोरिंग को सही कराते दिखा। बाघिन की दहशत से प्रभावित रहे क्षेत्र के सभी गांवों में जन जीवन सामान्य हो गया है।
तकनीक व टीम वर्क से मिली सफलता
रेस्क्यू आपरेशन में 80 वनकर्मियों के साथ ही बाघमित्र, 15 वाहन और तीन ड्रोन की मदद ली गई। अभियान का नेतृत्व मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह, पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर रमेश चंद्र, पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह, सामाजिक वानिकी के डीएफओ भारत कुमार डीके, डा. दक्ष गंगवार, डा. मोहम्मद नासिर टीम में शामिल रहे।