बाढ़ की मार झेल चुके गुन्हान गांव के किसानों की मेहनत को अब नेपाल से आए हाथियों ने उजाड़ दिया है। नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी के रास्ते गांव में पहुंचे करीब दस हाथियों ने शनिवार रात खेतों में खड़ी फसल को तहस-नहस कर दिया। वन विभाग की टीम और ग्रामीण हाथियों को वापस लौटाने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि, दहशत के चलते गांव के लोग जमा होकर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
रमनगरा शारदा पार क्षेत्र स्थित गुन्हान गांव में पिछले दिनों शारदा नदी के उफान पर आने पर बर्बादी के हालत बन गए थे। किसी तरह नदी का जलस्तर घटने के बाद ग्रामीणों की जिंदगी पटरी पर लौट सकी थी। गांव के किसानों ने खेतों में धान और गन्ने की फसल मेहनत से खड़ी की थी। शनिवार रात को किसानों की मेहनत को नेपाल से आए हाथियों ने उजाड़कर रख दिया। पिलर संख्या 28 के पास स्थित नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी के रास्ते करीब दस हाथी गांव में घुस आए। इसके बाद रात में ही किसान सरजू, मनु, हरेंद्र, मुन्ना, मलहा सरकार सहित करीब एक दर्जन किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को उजाड़ दिया। सुबह जानकारी लगने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद खेतों की स्थिति देखी। आसपास जाकर देखा तो हाथी दिखाई दिए। हाथी क्षेत्र में ही शारदा और बमनी नदी के संगम पर आराम करते दिखाई दिए। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। एकजुट होकर हाथियों को वापस नेपाल भगाने की भी ठानी, लेकिन हाथियों की दहशत के चलते अभी कोई सटीक कदम उठाया नहीं जा सका है। किसान मलहा सरकार के झाले पर घुसकर भी हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया।
नेपाल के जंगल से कुछ हाथियों के क्षेत्र में आने की सूचना मिली है। मौके पर टीम को भेजा गया है। अभी टीम वापस नहीं लौटी है। इसके चलते सही जानकारी नहीं मिल सकी है। टीम के आने पर ही पूरी जानकारी मिल सकेगी।
- डीपी सिंह, एसडीओ, टाइगर रिजर्व