पीलीभीत। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले हेपेटाइटिस के मरीजों को दवा के लिए भटकना पड़ रहा है। दवा की कमी होने से मरीजोंं को मायूस लौटना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में करीब 15 दिन से हेपेटाइटिस सी की दवा नहीं है।
मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में गंभीर बीमारियों के इलाज का दावा कागजी है। मरीजों को जिला अस्पताल में समय से दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। सामान्य मरीज तो दवा की कमी का सामना कर ही रहे। हेपेटाइटिस के मरीजों को भी चक्कर काटना पड़ रहा है। हेपेटाइटिस एक गंभीर बीमारी है।
यह बीमारी आमतौर वायरल संक्रमण से होती है। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीजों का तीन माह में इलाज का दावा किया जा रहा है, जबकि अस्पताल मरीजों को समय से दवा तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। मरीजों को तीन माह तक चलने वाले इलाज में दवाओं के लिए 15 से 20 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
दवा के लिए मरीज परेशान
शहर निवासी अख्तर नूर व न्यूरिया क्षेत्र में रहने वाली महिला मरीज को करीब 15 दिनों से हेपेटाइटिस सी की दवा नहीं मिल पा रही हैं। मरीज हर दूसरे दिन अस्पताल पहुंचकर दवा की जानकारी करते हैं। बाद में मायूस होकर लौट रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मी लखनऊ से दवाएं आते ही देने का आश्वासन देकर उन्हें लौटा रहे हैं।
हेपेटाइटिस के जिला अस्पताल में लगभग 70 मरीज पंजीकृत हैं। इनका तीन माह का इलाज किया जा रहा है। बीमारी की दवाएं लखनऊ से आती हैं, पंजीकृत होने के बाद एक सप्ताह में मरीजों को इलाज के लिए दवाएं उपलब्ध करा दी जाती हैं। - डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल