स्कूल संचालक महेंद्रपाल की मौत के मामले में पुलिस ने जांच की तेज, विसरा सुरक्षित
जहानाबाद। लापता निजी स्कूल संचालक महेंद्रपाल की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। तीन टीमें जांच में जुटी हैं। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसके लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। वहीं, शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया। महेंद्रपाल के मासूम बेटे राम ने नम आंखों से मुखाग्नि दी।
महेंद्रपाल का शव बृहस्पतिवार देर रात करीब साढ़े बारह बजे गांव पहुंचा। शव की स्थिति काफी खराब होने के कारण रात करीब एक बजे अंतिम संस्कार कराया गया। उनके आठ वर्षीय बेटे राम ने नम आंखों से पिता की चिता को मुखाग्नि दी। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में मातम पसर गया। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने भारी मन से उन्हें अंतिम विदाई दी।
वहीं, महेंद्रपाल के ससुर गिरधारी लाल निवासी भोगपुर, थाना बहेड़ी (बरेली) ने बताया कि निजामडांडी निवासी दुर्गाप्रसाद की पत्नी ने जानकारी दी थी कि 25 मई की शाम करीब छह बजे महेंद्रपाल पीलीभीत के असम चौराहे पर मिले थे। पूछने पर उन्होंने बताया था कि वह धान का बीज लेने आए हैं। इसके बाद वह बैटरी चालित ई-रिक्शा में बैठकर जहानाबाद की ओर चले गए थे।
परिजनों के अनुसार, वह आमतौर पर मोबाइल फोन अपने साथ रखते थे, लेकिन उस दिन फोन घर पर ही छोड़ गए थे। परिजनों ने बताया कि महेंद्रपाल अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित रहते थे। बड़ी बेटी प्रभा ने हाल ही में हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जबकि दूसरी बेटी सुधा कक्षा नौ की छात्रा है। बेटा राम कक्षा दो पास कर अब कक्षा तीन में पहुंचा है।
इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित किया गया है। मामले की जांच जारी है। संवाद
बच्चों को लेकर भावुक हुए ग्रामीण
महेंद्रपाल की मौत के बाद 17 वर्षीय प्रभा, 16 वर्षीय सुधा और आठ वर्षीय राम पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। पहले ही दोनों माताओं का साया सिर से उठ चुका था और अब पिता की भी हत्या हो जाने से तीनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख और संवेदना का माहौल है।
महिला के चक्कर में तनाव में रहते थे महेंद्र पाल, कई बार हो चुका था विवाद
पुलिस की जांच में सामने आया कि बरेली क्षेत्र की रहने वाली महिला से महेंद्रपाल का ऋषिकेश के एक अस्पताल में मुलाकात के बाद से संपर्क बना था। पूर्व में महिला और और महेंद्र पाल के बीच विवाद हुआ कई बार महिला महेंद्र के साथ में नवजोत भी हो चुकी है इसलिए वह तनाव में रहने लगे थे यह भी बात सामने आई की तनाव के चलते ही महेंद्र पाल ने अपने नाबालिग पुत्र के नाम जमीन की वसीयत कर दी थी।