ड्यूटी न पहुंचने पर सरकारी आवास पर बुलाने पहुंचा स्टाफ तो खुला मामला
-पुलिस ने मामला खुदकुशी का माना, वजह नहीं आई सामने
जिला कारागार में तैनात एक बंदीरक्षक ने बुधवार देर रात फंदा लगाकर जान दे दी। ड्यूटी पर न पहुंचने पर जब साथी कर्मचारी उसे बुलाने सरकारी क्वार्टर पर पहुंचे तो फंदे पर शव लटका देखा। प्रथम दृष्टया पुलिस ने मामला खुदकुशी का ही माना है, मगर इसकी वजह सामने नहीं आ सकी है।
25 वर्षीय बंदीरक्षक लव कुमार संभल जिले के फैजगंज बेहटा के रहने वाले दिनेशचंद्र के बेटे थे और 2012 में भर्ती हुए थे। दो साल से उनकी तैनाती जिला कारागार में थी। यहां वह सरकारी आवास में रहते थे। बुधवार रात उनकी 12 से चार बजे तक ड्यूटी थी, समय पर न पहुंचने पर जेल स्टाफ बुलाने के लिए घर पहुंचा। काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद भी न खुलने पर सूचना पुलिस को दी गई। इस पर यूपी 100 पुलिस और कोतवाल एसके सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोलकर भीतर घुसे। यहां सिपाही लवकुमार का शव आंगन में रस्सी से फंदे पर लटका मिला। इसके बाद जेल अधीक्षक अनूप कुमार, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल भी मौके पर पहुंचे।
घटना की जानकारी परिवार वालों को दी और बृहस्पतिवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंचे परिवार वाले भी आत्महत्या के पीछे कारणों को स्पष्ट नहीं कर सके। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल का कहना है कि कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, परिवार वालों ने किसी तरह का कोई आरोप भी नहीं लगाया है। पुलिस के मुताबिक लव कुमार पत्नी और दो साल के बेटे को दस दिन पहले अपने घर छोड़ आया था। बीती रात वह घर पर अकेले ही था।