बरखेड़ा। थाना क्षेत्र के गांव ज्योरहा कल्यानपुर में मंगलवार को उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब पांच दिन पूर्व मृत कैदी का शव गांव पहुंचा। शव के पहुंचने के करीब छह घंटे बाद विधायक स्वामी प्रवक्तानंद की मौजूदगी में जेल प्रशासन और परिजनों के बीच आर्थिक मदद की सहमति बनने के बाद अंतिम संस्कार कराया गया। विवाद की आशंका को देखते हुए दो सीओ की मौजूदगी में तीन थानों की फोर्स को तैनात किया गया था।
बरखेड़ा क्षेत्र के ज्योरहा कल्यानपुर निवासी सर्वेश दुष्कर्म के एक मामले में बरेली कारागार में सजा काट रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि करीब छह माह से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। परिजनों ने निजी खर्च पर इलाज कराने के लिए जेल प्रशासन से लेकर जिला व प्रदेश स्तर तक गुहार लगाई, लेकिन सही इलाज न मिल सका।19 फरवरी की रात लखनऊ के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से परिजन जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे और अंतिम संस्कार से इन्कार कर रहे थे।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मृत कैदी सर्वेश का शव गांव ज्योरहा कल्यानपुर पहुंचा। मृतक के घर पर उस समय कोई परिजन नहीं मिले। पास के गांव सिमरिया ताराचंद में रहने वाली बहन उर्मिला घर के बाहर मिली, जो भाई का शव देखते ही फूट-फूटकर रोने लगी। पुलिस परिजनों के आने का इंतजार करती रही। किसी भी संभावित विरोध, धरना या प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
मौके पर बरखेड़ा, दियोरिया और बीसलपुर थानों की पुलिस के साथ-साथ बरेली जेल के डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय, सीओ बीसलपुर प्रगति चौहान, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी व अन्य पहुंचे। अफसरों ने परिजनों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन आने को तैयार नहीं हुए। शव एंबुलेंस भी रखा रहा। गांव में भीड़ एकत्र हो गई। करीब शाम चार बजे विधायक स्वामी प्रवक्तानंद परिजनों के साथ गांव पहुंचे। इसके बाद विधायक, उपजिलाधिकारी, डिप्टी जेलर और परिजनों के बीच बातचीत हुई, जिसमें तत्काल आर्थिक सहायता और मानवाधिकार आयोग के माध्यम से मुआवजा दिलाने में सहयोग का आश्वासन दिया गया। सहमति बनने के बाद देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया गया। इस दौरान गांव में पुलिस तैनात रही। एसडीएम ने बताया कि नियमानुसार मदद का आश्वासन दिया है। इसपर अमल शुरू किया जाएगा। संवाद