पीलीभीत। माला कॉलोनी से रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद किए गए भालू की मौत संक्रमण फैलने से हुई। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में प्रथमदृष्टया इसका खुलासा हुआ। हालांकि, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की पुष्टि की जांच 14 दिन बाद आएगी।
इसके साथ ही भालू के करीब 10 दिन से भूखा पेट होने की बात भी सामने आई। सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि भालू के कान के पीछे के भाग में जख्म था।
इससे संक्रमण फैल गया। 10 दिन से उसने कुछ खाया भी नहीं था। पोस्टमाॅर्टम में इसका खुलासा हुआ। अन्य वायरस संबंधित जांच 14 दिन बाद मिलेगी।