पीलीभीत। नए बाइपास पर हुए हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। ट्रैक्टर-ट्राॅली की चपेट में आकर जान गंवाने वाले युवकाें के परिवार में कोहराम मच गया। हादसे में माता-पिता के इकलौते पुत्र अरविंद और राजकुमार की मौत से घर का चिराग बुझ गया। वहीं, तीनों की दो-दो बेटियों के सिर से बचपन में ही पिता का साया उठ गया।
मामा दीनदयाल के अनुसार वह मंगलवार को काम के सिलसिले में उत्तराखंड गए थे। नवाबगंज के भरौर पंडरी गांव निवासी भांजा राजकुमार घर आया और सबसे मिला। इसके बाद वह अपने दूसरे मामा के बेटे बिठौरा गांव के ही अरविंद से मिलने चला गया। जहां अरविंद के बहनोई बरखेड़ा कस्बा निवासी पवन भी आए थे। तीनों ने बैठकर बातें की।
इसके बाद अरविंद अपने बाइक से दोनों को साथ लेकर घूमने निकल गए। परिजन खाना तैयार करने के बाद तीनों के वापस आने का इंतजार कर रहे थे कि देर रात फोन की घंटी ने सबकी धड़कनें बढ़ा दीं। तीनों की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। जिला अस्पताल पहुंचकर तीनों के शव देख परिजन बदहवास हो गए।
परिजनों के अनुसार अरविंद और राजकुमार अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। वहीं पवन का एक छोटे भाई है। तीनों विवाहित थे और दो-दो पुत्रियां हैं।
मोर्चरी से पोस्टमॉर्टम हाउस तक उमड़ी रही भीड़
हादसे में तीनों की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण रात में ही मोर्चरी पहुंच गए। मंगलवार रात से लेकर बुधवार दोपहर तक मोर्चरी के बाहर परिजनों की भीड़ उमड़ी रही। बुधवार को पंचनामा के बाद तीनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर भी परिजनों की भीड़ उमड़ी रही। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने तीनों के शवों को परिजनों के सुपुर्द किया। इसके बाद गमगीन माहौल में परिजन तीनों के शवों को अपने-अपने घर ले गए।
हेलमेट था नहीं, क्षमता से अधिक सवारी और तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार थे। बताया जा रहा है कि किसी ने भी हेलमेट नहीं लगा रखा था। तेज रफ्तार भी हादसे की वजह मानी जा रही है। यह भी बताते हैं कि रात के समय नए बाइपास पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की रफ्तार भी अधिक थी। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने तलाश कर ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ लिया गया। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।