उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर में भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल पुलिस की गोली लगने से भारतीय युवक की मौत के बाद सीमावर्ती इलाके में तनाव के हालात बने हुए हैं। शुक्रवार को दिनभर एडीजी अविनाश चंद्र समेत तमाम पुलिस और प्रशासन के अफसर नेपाल बॉर्डर पर जमे रहे। जहां दोनों देशों के अफसरों के बीच युवक की गोली लगने से मौत के मामले में वार्ता हुई।
एडीजी के मुताबिक नेपाल के अफसरों ने घटना की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उधर, परिजन और ग्रामीण नेपाल पुलिस की कहानी को झूठा बता रहे हैं। बृहस्पतिवार को नेपाल पुलिस की गोली लगने से हजारा थाना क्षेत्र के टिल्ला नंबर चार निवासी गोविंदा (22) की मौत हो गई थी। नेपाल पुलिस ने स्थानीय अधिकारियों को बताया था कि तीन भारतीय युवक मादक पदार्थ की तस्करी के लिए नेपाल सीमा में घुसे आए थे।
घटना स्थल कंचनपुर जिले के पचूई उर्फ पचूरी का बताया था। नेपाल पुलिस ने मुठभेड़ में एक युवक की मौत और दो युवकों के फरार होने की बात कही थी। दो देशों से जुड़ा मामला होने के कारण घटना का पता लगने के बाद से अफसर छानबीन में जुट गए थे। बॉर्डर पर तनाव के हालात को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम भी सख्त कर दिए हैं। शुक्रवार दूसरे दिन मृत युवक के परिवार ने नेपाल पुलिस की मुठभेड़ की कहानी पर सवाल उठाए हैं।
मृतक के चाचा गुरदेव सिंह ने बताया कि गोविंदा गांव के ही गुरमेज सिंह, पप्पू सिंह और रेशम सिंह के साथ पिछले 12 दिन से नेपाल सीमा से सटे पिलर संख्या 38 और 39 के बीच काली पुलिया के पास स्थित भीकम सिंह के खेत में गन्ने की छिलाई करने जा रहे थे। घटना के समय आवाजाही के दौरान उनकी नेपाल पुलिस से कहासुनी हो गई थी। कहासुनी के दौरान नेपाल पुलिस ने गोली चला दी। पहली गोली हवा में निकल गई।