अमरिया क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने पहुंची वन विभाग की टीम।
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अमरिया। तहसील क्षेत्र में दो माह पहले हमलावर हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए ऑपरेशन तेंदुआ शुरू किया गया था। ऑपरेशन तेंदुआ के शुरू होते ही तेंदुआ इस क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखंड में चला गया था। दो माह बाद तेंदुए की वापसी होने और गांव सूरजपुर में चहलकदमी करने से लोगों में दहशत फैल गई। तेंदुए की वापसी की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी भी तेंदुए को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गए। तेंदुए को पकड़ने के लिए सूरजपुर में एक और पिंजरा लगाया गया है।
अमरिया क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने तेंदुए को पकड़ने के लिए जुलाई माह में अभियान शुरू किया गया था, मगर अभियान के शुरू होने के बाद तीसरे दिन ही तेंदुआ इस क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखंड की ओर निकल गया था। इस दौरान क्षेत्र में आए अन्य तेंदुओं को पकड़ने के लिए गांव सूरजपुर, रसूला और जगत में तीन पिंजरे लगाए गए। इधर उत्तराखंड गया तेंदुआ दो माह के बाद फिर से सूरजपुर निवासी परमवीर सिंह पैरी और मंजीत सिंह के फार्म हाउस के पास खेतों में देखा गया तो दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंचे सामाजिक वानिकी के रेंजर सतेंद्र कुमार चौधरी, डिप्टी रेंजर देवेंद्र सिंह, शैलेंद्र कुमार, वन दरोगा सोनी सिंह, टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार ने मौके पर पहुंचकर पगमार्क ट्रेस किए। रेंजर सतेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए की वापसी हो चुकी है। सूरजपुर पैरी फार्म के पास तेंदुए के ताजे पदचिह्न मिले हैं। फार्म हाउस के पास तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा पहले से ही चल रहा था। मंगलवार को तेंदुए के चहलकदमी के स्थान पर एक और पिंजरा लगाकर क्षेत्र में निगरानी बड़ा दी गई है।