पीलीभीत। आए दिन ट्रेन की चपेट में आने से लोगों की जान जा रही है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी यात्रियों के साथ स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर सीधे रेलवे ट्रैक को पार करते हैं। ऐसे में किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। राहगीरों के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं, मगर चंद मिनटों की देर न हो, इसलिए लोग अंडरपास से न गुजरकर रेलवे ट्रैक को पर करके निकलते हैं। हालांकि कोरोना काल में अभी ट्रेनों बंद हैं, मगर संचालन शुरू हो जाने के बाद यह जानलेवा साबित हो सकता है।
शहर के नौगवां रेलवे क्रॉसिंग पर रोजाना लगने वाले जाम से निजात दिलाने को तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था। इससे वाहन संचालकों की समस्या तो हल हो गई, मगर मंडी समेत रेलवे क्रॉसिंग के उस पार बसे मोहल्ले और कॉलोनीवासियों को आवागमन की समस्या होने लगी। इन सबको भी लंबा चक्कर काटकर ओवरब्रिज से होकर गुजरना पड़ा। समस्या को देखते हुए रेलवे द्वारा नौगवां रेलवे क्रॉसिंग पर एक अंडरपास भी बनाया गया। करोड़ों रुपये खर्च कर ओवरब्रिज और अंडरपास तो बनवा दिए गए, मगर अधिकतर राहगीर इस ओवरब्रिज और अंडरपास का प्रयोग न कर सीधे रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रहे हैं।
बेखौफ रेल पटरी पार करते दिखे राहगीर
रेलवे ट्रैक पार करने के लिए अंडरपास और ओवरब्रिज तो बने हैं, मगर जल्दी के चलते लोग इसके उपयोग करने की जहमत उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। सोमवार को अंडरपास के बराबर ही लोग बेखौफ होकर रेल पटरियों को पार करते देखे गए, मगर ऐसा करने वालों को यह नहीं पता कि यात्री ट्रेनों का संचालन तो बंद है, मगर मालगाड़ी कभी भी यहां से गुजर सकती है। ऐसे में यह जल्दबाजी रेलवे ट्रैक पार करने वालों को भारी पड़ सकती है।
अंडरपास बनने के बाद अधिकांश लोग उसी से गुजरते हैं, मगर कुछ लोग जल्दबाजी के चक्कर में यह भूल जाते हैं कि वह अपनी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। - राधेश मिश्रा, नई बस्ती
अंडरपास तो जरुर बना है, मगर उससे पैदल राहगीरों का निकलना मुश्किल है। जब वाहन गुजरते हैं तो धूल का गुबार बन जाता है।
- विजय सक्सेना, नौगवां पकड़िया
ओवरब्रिज के नीचे तमाम दुकानें लगती जा रही है। टेंपो स्टैंड भी बन चुका है। लोग खरीदारी करने के बाद जल्दबाजी में रेल पटरी से गुजरते हैं। - रविंद्र कुमार शर्मा, निरंजनकुंज कॉलोनी
रेलवे ट्रैक न पार करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। रोड सेफ्टी कैंपेन भी चलते रहते हैं। लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल