अमरिया। आबादी इलाके में घूमने वाले तेंदुए को पकड़ने को लगाए गए पिंजरों की वन विभाग ने निगरानी नहीं की। इससे गुस्साए किसान ने अपने घर के समीप रखे दोनों पिंजरों को हटवाकर ड्यूनी डैम के समीप रखवा दिया। बाद में इसकी सूचना वन विभाग को दे दी। वनकर्मी पिंजरे को जिला मुख्यालय ले आए।
अमरिया क्षेत्र में पिछले एक माह से तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। तेंदुए की लगातार चहलकदमी से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए को पकड़कर जंगल छुड़वाने की मांग की थी। तेंदुआ अब तक गांव जगत, खलीनवादा, विशनपुर, तिरकुनियां नसीर, भूड़ा, कैमोर, रसूला, शुक्ला फार्म सहित एक दर्जन गांवों में पालतू कुत्तों को अपना निवाला बना चुका है। हाल ही में तेंदुए ने गांव सूरजपुर निवासी किसान परमवीर सिंह पैरी के फार्म हाउस में घुसकर उनके पालतू कुत्ते को भी निवाला बनाया। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगवा दिए। दो-चार दिन तक तो तेंदुए को पकड़ने की मशक्कत चलती रही। इसके बाद वनकर्मी पिंजरे को बंद कर चले गए। तबसे पिंजरा लगातार बंद ही चल रहा है। कोई निगरानी न होने से गुस्साए किसान परमवीर सिंह पैरी ने शनिवार को अपने ट्रैक्टर से पिंजरा हटवाकर ड्यूनी डैम के समीप गन्ना सेंटर की खाली पड़ी जगह में रखवा दिया और वन विभाग को इसकी सूचना दे दी। परमवीर सिंह पैरी ने बताया कि दो पिंजरे आने के बाद उसमें से एक पिंजरे को दो-चार दिन चलाया गया। तेंदुए की लोकेशन न मिलने पर उसे बंद कर दिया गया। एक माह बीतने के बाद भी वन विभाग ने पिंजरे को दोबारा चालू नहीं किया।
तेंदुए को पकड़ने का काफी प्रयास किया जा रहा है, मगर उसकी लोकेशन लगातार बदल रही है। इसके लिए किसानों को थोड़ा धैर्य रखना होगा। तेंदुए को पकड़ने में थोड़ा समय लगेगा। - सतेंद्र कुमार चौधरी, रेंजर, सामाजिक वानिकी