पिपरिया संतोष गांव में बाघ के हमले में मारे गए किशोर राजीव का शव उठाने को लेकर सोमवार रात जमकर बवाल हुआ। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो विरोध में ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। वहां माहौल बिगड़ता देख मौके पर पीएसी बुलानी पड़ी। कड़ी मशक्कत के बाद रात लगभग एक बजे पुलिस शव निकालकर साथ ले गई। पिपरिया संतोष गांव निवासी 17 वर्षीय राजीव को में बाघ ने हमला करके मार डाला था। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव कब्जे में लेने की कोशिश की। मगर ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की बात कहकर शव उठाने का विरोध किया। पुलिस के काफी समझाने के बावजूद ग्रामीण नहीं माने और हंगामा करते रहे। माहौल गर्माता देख मौके पर पीएसी बुला ली गई। काफी देर समझाने पर लोग नहीं माने से तो पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर बितर किया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने हिम्मत करके पथराव कर रहे लोगों को दौड़ा दिया। मामला शांत होने पर रात करीब एक बजे पुलिस राजीव का शव कब्जे लेकर चली गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने दिया 10 हजार
बाघ के हमले में मारे गए किशोर के अंतिम संस्कार के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से डीएफओ कैलाश प्रकाश, परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। अधिकारियों ने सहायता धनराशि राजीव के भाई धर्मेंद्र को सौंपी।
बाघ के जंगल लौटने का दावा
बाघ के हमले के बाद पहुंची वनविभाग की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। डीएफओ आदर्श कुमार के अनुसार बाघ जंगल में लौट गया है। उसके पदचिह्न जंगल किनारे तक मिले हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला करने वाली वही बाघिन है या दूसरा बाघ है। दोनों के पदचिह्नों मेें कुछ अंतर प्रतीत हो रहा है, जिसके मिलान के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वनविभाग देगा पांच लाख मुआवजा
बाघ के हमले मारे गए राजीव के घरवालों को वन विभाग की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि प्रमुख वन संरक्षक रूपक डे ने घटना पर अफसोस जताते हुए मुआवजे में पांच लाख देने को रिपोर्ट मांगी है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कराकर शासन को भेजी जाएगी।