टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की बैठक में शामिल शिक्षक। स्रोत शिक्षक
पीलीभीत। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर चार अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली महारैली को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने बैठक कर बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर अपनी मांगों को बुलंद करने का निर्णय लिया।
रविवार को पीलीभीत के एक बैंक्वेट हाॅल में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिंह की मौजूदगी में जिलेभर के शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चार अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली में अधिक से अधिक शिक्षकों की भागीदारी करने पर जोर दिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले से शिक्षक बसों के माध्यम से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि टीईटी की अनिवार्यता को शिक्षक कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, तब उन्होंने सरकार की निर्धारित सभी योग्यताएं पूरी की थीं, तभी उनकी नियुक्ति की गई थी। ऐसे में बाद में टीईटी को अनिवार्य करना उचित नहीं है। उन्होंने सभी शिक्षक संगठनों से एक मंच पर आकर अपनी एकजुटता दिखाने और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का आह्वान किया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दयाशंकर ने भी कहा कि शिक्षक लंबे समय से आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं, अब समय आ गया है कि अपनी ताकत का प्रदर्शन कर मांगों को मनवाया जाए। बैठक में ममता गंगवार, निरंजना शर्मा, चंद्रशेखर विद्रोही, गोविंद पाल सिंह और संतोष पासवान सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे और महारैली को सफल बनाने की अपील की।
इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री उमेश गंगवार, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष लालकरन, जिला मंत्री नंदकिशोर गंगवार, यूटा के जिला अध्यक्ष राजेश मिश्रा, जिला मंत्री मोहम्मद अकरम, जिला कोषाध्यक्ष केके सागर समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। संवाद