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अब गैर शैक्षणिक कार्यों के आधार पर बनेगी शिक्षकों की वार्षिक रिपोर्ट

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पीलीभीत। कोरोना काल में परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई है। ऐसे में अब शासन ने गैर शैक्षणिक कार्यों के आधार पर ही शिक्षकों की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों को पहली बार स्वमूल्यांकन कर विवरण मानव संपदा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक अपलोड करना होगा। फिर खंड शिक्षा अधिकारी के मूल्यांकन के बाद बीएसए रिपोर्ट लगाएंगे। इसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने आदेश जारी किया है।
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कोरोना महामारी में ऑनलाइन शिक्षा के सहारे ही शिक्षण कार्य चलाया गया, इसके चलते शिक्षकों के मूल्यांकन के स्वरूप में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार होने वाले मूल्यांकन में बच्चों की उपस्थिति, प्रधानाध्यापक और अध्यापक की औसत उपस्थिति वाले बिंदु लागू नहीं होंगे। इस बार स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प, दीक्षा पोर्टल का उपयोग, लर्निंग आउटकम की अंतिम परीक्षा में शिक्षक द्वारा पढ़ाए गए विषय का ग्रेड, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक, बच्चों द्वारा पुस्तकालय का प्रयोग जैसे मानकों पर शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने इसको लेकर आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक शिक्षकों को स्वमूल्यांकन कर अपना डाटा 15 अप्रैल तक मानव संपदा पोर्टल पर भरना होगा, इसके बाद संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के मूल्यांकन के बाद बीएसए भी जांचकर वार्षिक रिपोर्ट को अंतिम रूप से जमा करेंगे। नए नियम से समय पर स्कूल न आने वाले, बच्चों को पढ़ाने में रुचि न लेने वाले, डिजिटल प्लेटफार्म पर न आने वाले शिक्षकों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। विभाग के मुताबिक शिक्षकों के वार्षिक मूल्यांकन के लिए नए पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं। जिन्हें आगामी शैक्षिक सत्र से लागू किया जा सकता है। इन्हीं पैरामीटरों पर आने वाले दिनों में शिक्षकों की प्रोन्नति आदि हो सकेगी।
इस तरह मिलेंगे शिक्षकों को अंक
शिक्षकों को ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालय में सभी 14 पैरामीटर होने पर 10 अंक अन्यथा शून्य, बच्चों की 60 से 80 प्रतिशत उपस्थिति पर पांच तथा 80 प्रतिशत उपस्थिति पर 10 अंक मिलेंगे। शिक्षकों की 60 से 80 प्रतिशत तक उपस्थिति पर पांच अंक और 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति पर 10 अंक और प्रशिक्षण में सभी दिन प्रतिभाग करने पर 10 नंबर मिलेंगे। डिजिटल शिक्षा सामग्री का नियमित प्रयोग करने, रिजल्ट कार्ड शत-प्रतिशत वितरण, एसएमसी की नियमित बैठक में प्रतिभाग करने, छात्रों द्वारा पुस्तकालय का नियमित प्रयोग, माड्यूल, शिक्षण संग्रह को शिक्षण कार्य में नियमित प्रयोग, आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण और चिह्नित बच्चों का नामांकन कराने पर 10-10 अंक दिए जाएंगे।
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शिक्षकों के वार्षिक आख्या संबंधी शासनादेश प्राप्त हो गया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शासनादेश का अनुपालन करने को निर्देशित किया गया है। - चंद्रकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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