पीलीभीत। बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति के शासन के फरमान का शिक्षकों की ओर से जोरदार विरोध किया जा रहा है। शुक्रवार को मंडल में 29 शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी लगाई थी मगर शनिवार को सिर्फ बदायूं में एक शिक्षक ने ऑनलाइन हाजिरी लगाई। अन्य जिलों में यह आंकड़ा शून्य रहा। शिक्षकों का कहना है कि वह किसी भी स्थिति में इस आदेश को नहीं मानेंगे।
स्कूलों में शिक्षकों की शत प्रतिशत समय से उपस्थिति को लेकर शासन ने आठ जुलाई से ऑनलाइन हाजिरी को अनिवार्य कर दिया है। यही नहीं अवकाश के बाद भी ऑनलाइन उपस्थिति को दर्ज किया जाना है। इससे शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई है। शिक्षकों का कहना है कि बारिश में रास्ता खराब होने के कारण समय से स्कूल नहीं पहुंचा जा सकता। शासन के इस आदेश का शिक्षक लगातार विरोध कर रहे हैं। कोई भी टेबलेट पर उपस्थिति को दर्ज नहीं कराना चाह रहा है।
शुक्रवार को बरेली मंडल में 37,163 शिक्षकों के सापेक्ष 29 ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई थी। शनिवार को यह आंकड़ा एक रहा। अनुदेशक और शिक्षामित्र भी शिक्षकों के साथ खड़े हो गए हैं।
मंडलभर में शिक्षक एकजुट
शुक्रवार को मंडल के जिला शाहजहांपुर में तैनात 10,189 शिक्षकों के सापेक्ष किसी भी शिक्षक ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई थी, ऐसी ही स्थिति शनिवार को भी बनी रही। बरेली में 11,938 के सापेक्ष 13 ने तो शनिवार एक भी शिक्षक ने ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई। बदायूं में 9,183 के सापेक्ष शुक्रवार को एक तो शनिवार को भी एक शिक्षक ने ही ऑनलाइन उपस्थिति लगाई। पीलीभीत में शुक्रवार को 5883 के सापेक्ष 15 शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी लगाई थी। शनिवार को यह आंकड़ा शून्य रहा।
वर्जन
शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसकी समीक्षा भी की जा रही है। अभी कम ही शिक्षक उसका पालन कर रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएं। - डॉ. अमित कुमार सिंह, बीएसए