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दो निजी लैब पर शक, पिछले साल तक का रिकार्ड तलब किया

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पीलीभीत। सीएमओ कार्यालय परिसर में कोरोना के सैंपल जलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के हाथ अभी तक कोई पुख्ता सुबूत तो नहीं लगा है लेकिन दो निजी लैब पर शक जताया जा रहा है। उनसे पिछले साल तक के रिकार्ड तलब किए गए हैं। बैच नंबर और सीरियल नंबर के जरिए दोषियों तक पहुंचने की कवायद की जा रही है।
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सीएमओ कार्यालय परिसर में कोरोना के सैकड़ों सैंपल बिना जांच के ही जलाने का मामला सामने आया था। शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी होने के बाद विभाग की तरफ से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने वीटीएम (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम) का मिलान सरकारी खेप में आने वाली वीटीएम से किया। हालांकि जली हुई वीटीएम अलग पाई गईं।
इन वीटीएम में आरटीपीआर जांच के सैंपल थे। इन पर सैंपल देने वाले का नाम, सीरियल नंबर, बैच नंबर भी दिया गया है। इनकी एक्सपायरी डेट अप्रैल 2022 तक की है। विभाग की तरफ से अधजली वीटीएम को सील करके रख दिया गया है। एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने दो पैथोलॉजी लैब पर जाकर वीटीएम भी चेक कीं। हालांकि यहां मिली वीटीएम अलग थीं। स्वास्थ्य विभाग को शहर की दो पैथोलॉजी लैब पर शक है। उनसे पिछले साल तक का रिकार्ड मांगा गया है। उससे इन अधजली वीटीएम का मिलान किया जाएगा।
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सीएमओ दफ्तर परिसर में ही क्यों जलाए गए सैंपल : जलाए गए कोरोना सैंपल की संख्या करीब दो सौ से ज्यादा बताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सैंपल सीएमओ ऑफिस में ही क्यों जलाए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्रों की माने तो कार्यालय का ही कोई कर्मचारी इसमें संलिप्त है। उसी की मदद से सैंपल परिसर तक लाकर जलाए गए।
चौकीदारों से मांगा गया स्पष्टीकरण : सीएमओ कार्यालय के परिसर में कोरोना सैंपल जलाने के मामले में चौकीदारों से भी पूछताछ की गई। हालांकि कोई सुराग नहीं मिला। उनकी मौजूदगी में कोई बाहरी व्यक्ति कैसे आया, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच अधिकारी ने चौकीदारों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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