प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक कार्यकारिणी के चुनाव में उमेश मिश्रा गुट के तीनों प्रत्याशियों ने भारी अंतर से जीत हासिल की है। इसमें सूरजपाल अध्यक्ष, उमेश मिश्रा मंत्री और देवदत्त मिश्रा कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए।
जिला कार्यकारिणी की देखरेख में बीआरसी पर बृहस्पतिवार को मतदान हुआ। 254 शिक्षकों में से 10 मतदाताओं के नाम डबल होने पर उन्हें एक ही वोट डालने का मौका दिया गया। मतदान में 244 मतदाताओं में से 242 ने मतदान में हिस्सा लिया। मिश्रा गुट के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सूरजपाल ने 131 मत पाकर अपने प्रतिद्वंदी मोहन स्वरूप गंगवार को 20 वोटों से परास्त किया।
वहीं मंत्री पद के प्रत्याशी उमेश मिश्रा ने 135 मत पाकर अपने प्रतिद्वंदी अर्जुन प्रसाद को 30 मतों से परास्त किया। मंत्री पद के दो मतपत्र खारिज भी किए गए। कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशी देवदत्त मिश्रा ने 133 मत पाकर अपने प्रतिद्वंदी फैजान अली को 29 मतों से परास्त कर जीत दर्ज की। इस पद के भी तीन मतपत्र खारिज हुए। सुबह दस बजे से शुरू हुए मतदान में शिक्षक मतदाताओं का काफी उत्साह रहा। यही वजह रही कि 12 बजे तक करीब 200 वोट पड़ गए। शाम तीन बजे तक 244 में से 242 शिक्षकों ने मतदान किया।
इस दौरान प्रत्याशियों ने बीआरसी कैंपस में ही पंडाल लगवाए। उधर जीत की घोषणा होते ही मिश्रा गुट के समर्थक खुशी से झूम उठे और चुने गए तीनों प्रत्याशियों को फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर मिश्रा गुट के समर्थकों ने खुशी जाहिर करते हुए मिठाई भी बांटी।
मतपत्र से नाम गायब होने पर
प्रत्याशी ने जताई नाराजगी
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी वेदप्रकाश गंगवार ने उस समय चुनाव कराने आई जिला कार्यकारिणी के सदस्यों से नाराजगी जताई, जब उन्हें यह पता चला कि अध्यक्ष पद के पांच प्रत्याशियों में से बैलेट पेपर पर सिर्फ दो ही प्रत्याशी सूरजपाल गंगवार और मोहन स्वरूप गंगवार के नाम अंकित हैं। चुनाव अधिकारी उमेश चंद्र ने बताया कि तीन अन्य प्रत्याशियों ने नामांकन तो कराया था, लेकिन बाद में उन लोगों ने चुनाव मैदान से हटने की घोषणा करने के साथ इन्हीं दो प्रत्याशियों को समर्थन दे दिया था। इसकी वजह से इन तीनों प्रत्याशियों के मतपत्र से नाम हटाए गए हैं।