नगर के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में रखे औषधि के डब्बे। संवाद
पीलीभीत। जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में बाहर से आने वाली दवाओं की आपूर्ति ठप होने के चलते अब मरीजोें को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि मरीजोें को स्थानीय निर्माणशाला की औषधि युक्त दवाएं देकर लंबे समय से औपचारिकतएंा पूरी की जा रही हंै। हालांकि जिम्मेदार जल्द ही बाहर से दवाएं आने का दावा कर रहे हंै।
शहर के छतरी चौराहा के करीब आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भी निर्माणशाला से आ रही आयुर्वेदिक औषधि की दवा मरीजोें को दी जा रही है।
बृहस्पतिवार को डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने 35 मरीजों को परामर्श दिया, जिसमें त्वचा, बुखार व हड्डी संबंधी मरीज अधिक रहे। इन मरीजोें को भी आयुर्वेदिक निर्माण शाला से आने वाली कच्ची औषधियों की दवा दी गई। क्षेत्रीय होम्योपैथिक व यूनानी अधिकारी भारत ज्योति ने बताया कि कुछ माह से आईएमपीसीएल की ओर से दवाएं नहीं आ रही हैं। हालांकि अब जल्द ही दवाएं आ जाएंगी। चिकित्सक ने बताया लंबे समय से त्रिफला चूर्ण, शीशीयुक्त अशोका रिष्ठ, कुटजा रिष्ठ, अर्जुना रिष्ठ, संजीवनी वटी, अभ्यारिष्ठ, त्रिभुवन कीर्ति रस, दशमूला क्ववाथ, रसानादि क्वाथ, हिंग बाष्टक आदि की पूर्ति नहीं हो पा रही हैं। संवाद
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