सहकारी गन्ना विकास समिति बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने गन्ना भुगतान न होने पर नाराजगी व्यक्त की। खाद के स्टाक को समिति में 250 मीट्रिक टन के दो गोदाम बनवाने का भी निर्णय लिया गया।
शनिवार को गन्ना समिति में चेयरमैन ज्ञानदेवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सचिव वसी अहमद ने पिछली बैठक की कार्रवाई पढ़कर सुनाई जिससे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसके बाद सदस्यों ने बैठक में बरखेड़ा मिल के किसी भी प्रतिनिधि के मौजूद न रहने पर नाराजगी व्यक्त की साथ ही गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या रखी। इस पर बैठक में मौजूद एलएच मिल के प्रतिनिधियों ने बताया कि मिल पर करीब 106 करोड़ रुपया बकाया है। इसके लिए मिल प्रशासन प्रयास कर रहा है। उन्होंने जल्द सभी गन्ना भुगतान कराने का आश्वासन सदस्यों को दिया। इसके बाद सचिव ने जानकारी दी कि शासन से खाद गोदाम बनवाने को अनुदान पर धनराशि मिलने की जानकारी दी जिसपर सदस्यों ने समिति परिसर में ही गोदाम बनवाने का प्रस्ताव रखा। सर्वसम्मति से पीलीभीत समिति परिसर में ही 250 मीट्रिक टन के दो गोदाम बनवाने का निर्णय लिया गया। डायरेक्टर शांतिस्वरूप ने गन्ना पर्यवेक्षकों पर किसानों का उत्पीड़न और दुर्व्यहार करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की और सचिव कार्रवाई की मांग की। बैठक में चेयरमैन ज्ञानदेवी के अलावा उपाध्यक्ष गुुरुनाम सिंह, रचित अग्रवाल, बाबूराम, महेंद्र पाल, भानमती, रामचंद्र, ऋषिपाल सिंह, अयोध्या प्रसाद, शांतिस्वरूप, मंगली प्रसाद, विजयपाल, आफाक मलिक मौजूद रहे।